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अब पछताये होत का, जब चिडि़या चुग गई खेत

उत्तरप्रदेश। हमीरपुर जिले में प्रमोशनल ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेन्ट ऑफ क्राप रेज्ड्यू योजनान्तर्गत कृषक जागरूकता कार्यक्रम एवं जनपद स्तरीय खरीफ कृषि उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन आज राजकीय महिला महाविद्यालय हमीरपुर में आयोजित हुआ।

ज्ञानेश्वर त्रिपाठी, जिलाधिकारी महोदय हमीरपुर द्वारा ’’अब पछताये होत का, जब चिडि़या चुग गई खेत’’ की कहावत के माध्यम से खेती में समय के महत्व को बताते हुये उन्होनें कहा कि कृषि वैज्ञानिको द्वारा बताये गये समय और तकनीकी जनकारी को ध्यान मे ंरखते हुये ही खेती करे। उन्होनें मिश्रित खेती को जोखिम कम करने वाली विधा बताया तथा मोटे अनाजो की खेती को पुनः बढ़ाने पर जोर दिया क्योकि अब मोटे अनाजों के मूल्य भी अच्छा मिलने लगा है तथा कम पानी में भी अच्छी पैदावार हो सकती है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा जैविक खेती पर बल देते हुये रसायन मुक्त भोजन की महत्वता पर प्रकाश डाला।

उन्होनें ने विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं पर प्रकाश डालतें हुये पराली प्रबंधन पर विशेष चर्चा की। उन्होनें बताया कि पराली जलाने से उपयोगी पेषक तत्वों के नष्ट होने के साथ-साथ सूक्ष्म जीवों की भी हानि होती है। साथ ही आखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत तथा चर्म रोग क्षेत्र में बढ़ने लगते है। उन्होनें बताया कि वेस्ट डी-कम्पोजर का प्रयोग करके अच्छी खाद बना सकते है, साथ ही उसे उपचारित करके पशु चारें के रूप में प्रयोग कर सकते है। कृषकों को अपनी फसलों की प्राकृतिक जोखिमों से सुरक्षा हेतु 31 जुलाई तक अपनी फसल का बीमा कराने का आवाहन किया। कमलेश कुमार वैश्य, मुख्य विकास अधिकारी हमीरपुर द्वारा बताया गया कि जनपद में खरीफ में प्याज की खेती का क्षेत्रफल बढ़ा है तथा किसान इससे अच्छा मुनाफा कमा रहे है। उन्होनें जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालतें हुये मनरेगा से किसी भी समय किसी भी आकार के किसान अपने खेतो ंपर तालाब बनवा सकते है।

डा0 सरस कुमार तिवारी, उप कृषि निदेशक ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं यथा- आत्मा योजना, जैविक खेती की योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, कृषि यंत्रीकरण, इन-सीटू योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुये किसान सम्मान निधि योजना के बारे में बताया कि 9वी किस्त का डाटा प्राप्त हो चुका है, जिसे सत्यापनोपरान्त शीघ्र ही भुगतान हेतु मुख्यालय को उपलब्ध करा दिया जायेगा एवं अवशेष पात्र कृषकों का पंजीकरण प्ररम्भ होते ही लाभान्वित कराया जायेगा। उन्होनें बताया कि कुरारा आर्गेनिक फर्मर प्रोड्सर कम्पनी लि0 एवं भरूआ सुमेरपुर आर्गेनिक फर्मर प्रोड्सर कम्पनी लि0 द्वारा जनपद में जैविक कृषकों द्वारा उत्पादित उत्पादों जैसे- अरहर, उर्द, मूंग, मसूर दालें एवं दलियां की विक्र्री की स्टाल लगाये गये, जिसमें स्थानीय लोगों द्वारा क्रय भी किया गया। आगे भी इस प्रकार से इनके विपणन के लिंकेज की विभाग एवं एन0जी0ओं0 द्वारा प्रयास किये जा रहे है। भीमसेन, भूमि संरक्षण अधिकारी हमीरपुर प्रथम ने भूमि संरक्षण एवं जल संचयन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुये खेत तालाब योजना के बारे में विस्तारपूर्वक जनकारी दी गयी।

डा0 मुस्तफा, प्रभारी/वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा बताया गया कि कृषक भाई अपनी आय दोगुनी करने के लिए कृषि फसलों के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन, मत्स्य एवं मुर्गीपालन, मधुमक्खी पालन कर छोटे किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते है।
जे0के0 ढींगरा, अग्रणी जिला प्रबंधक, इण्डियन बैंक द्वारा बताया गया कि कृषकों द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड पर समय से लेन देन तथा रिन्यूवल कराने पर 9 प्रतिशत के स्थान पर 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होता है।

डा0 कपिल कुमार, पशु चिकित्साधिकारी द्वारा कृषकों को पशुओं के निःशुल्क टीकाकरण, खुरपका-मुहंपका, पशुओं के बधियाकरण एवं राष्ट्रीय पशुधन बीमा की विस्तृत जानकारी दी गयी। उन्होनें ने बताया कि किसान अपने 05 दुधारू पशुओं बीमा करावां सकते है।

डा0 रमेश पाठक, जिला उद्यान अधिकारी द्वारा उद्यान विभाग में संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिचांई योजनान्तर्गत स्पिं्रकलर सैट, उद्यानीकरण के अन्तर्गत नीबू वर्गीय बागवानी के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। गिरीश तिवारी, सहायक निदेशक (मत्स्य) ने मत्स्य विभाग में संचालित योजनाओं में बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। आकाश चौबे, क्षेत्रीय अधिकारी इफको द्वारा फसलों में दिये जाने वाले पोषक तत्वों में बारे में जानकारी दी गयी, उन्होनें बताया कि डी0ए0पी0, यूरिया के कम प्रयोग के साथ जिंक, सल्फर एवं नैनों यूरिया का प्रयोग करने से उत्पादन अच्छा होगा, जिससे कृषकों की आय में भी वृद्धि होगी।

डा0 जी0के0 द्विवेदी द्वारा कार्यक्रम का संचालन करते हुये उपस्थित कृषकों को तकनीकी जानकारी भी दी गयी। कार्यक्रम में कृषि विभाग के समस्त कर्मचारी, एफ0पी0ओं0 के निदेशक एवं भारी संख्या में जनपद के विभिन्न विकास खण्डो ंसे प्रगतिशील कृषक एवं महिला कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

(हमीरपुर ब्यूरो अजय शिवहरे)

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