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चिकित्सकों के खिलाफ एसपी ने कसा शिकंजा, SAF जवान को पीटने वाले 10 चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज, पुलिस अधीक्षक बोले- कोई भी हो अपराध बर्दास्त नहीं किया जाएगा, कानून के दायरे में रहे डॉक्टर

सुपर स्पेलिटी अस्पताल में चिकित्सकों की सुलह कराते पुलिस के आला अधिकारी।

मध्यप्रदेश। रीवा शहर के सुपर स्पेलिटी अस्पताल में SAF जवान को पीटने वाले चिकित्सकों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह ने शिकंजा कस दिया है। वे 6 डॉक्टरों के खिलाफ नामजद और 4 अज्ञात चिकित्सकों के खिलाफ अमहिया थाने में मामला दर्ज ​कराया है।

अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि ओपीडी में बंधक बनाकर एसएएफ जवान आकाश साहू के साथ मारपीट के मामले में जूनियर डॉ. पृथ्वीराज सिंह, डॉ. रवि पाटिल, डॉ. देवेश गुप्ता, डॉ. शिव शक्ति, डॉ. रजनीश मिश्रा, डॉ. अनिल चौहान, डॉ. अजय पाटीदार, डॉ. हृदेश दीक्षित को नामजद किया है।

वहीं 4 अन्य के खिलाफ आइपीसी की धारा 294, 323, 506, 34, 342 के तहत अमहिया थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। वहीं चिकित्सकों की रिपोर्ट पर SAF जवान के खिलाफ 353, 332, 294 की धाराओं का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। जबकि हास्टल में एक युवक को चोरी के आरोप में मारपीट करने पर 294, 323, 506, 34 का मामला दर्ज है।

बता दें कि आकाश साहू एसएएफ का जवान है। वह स्टेट औद्योगिक सुरक्षा बल भटलो में पदस्थ है। वह कंपनी कमांडर पीसी निहाल का इलाज कराने श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल गुरुवार दोपहर आया था। यहां वह शाम 5 से 6 बजे के बीच सोचा कि खुद का भी चेकअप करवा लूं। वह प्राइवेट समस्या लेकर जूनियर डॉक्टरों के पास पहुंचा। जहां उसने समस्या चिकित्सकों को बताई। देरी होने पर उसने कंपनी कमांडर के साथ आने का हवाला दिया।

पुलिस का नाम सुनते ही डॉक्टर भड़क गए। इसके बाद अन्य वार्डों में तैनात करीब एक दर्जन डॉक्टरों को बुलाकर मारपीट शुरू कर दी। उसने फोन लगाने की कोशिश की, तो फोन जब्त कर बंधक बना लिए। रात करीब 8 बजे के बाद अन्य वार्डों के लोगों ने डायल 100 और अमहिया पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करवाया। देर रात तक बैठक चलने के बाद एसपी ने दोनों पक्षों में सुलह कराने के बाद एफआईआर दर्ज कराई है।

ऐसा कतई नहीं करेंगे बर्दास्त: एसपी-
एसपी ने साफ कहा कि कोई भी हो, अपराध अपराध होता है। ऐसा कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। कानून के दायरे में डॉक्टर रहे। वो किसी को अनयास मारपीट नहीं कर सकते है। अगर कोई ऐसा करेगा तो वह कानून की नजरों से नहीं बच सकता है। फिलहाल आपदा की इस घड़ी को देखते हुए दोनों पक्षों में सामंजस्य बैठाने की कवायद शुरू है। क्योंकि जूनियर डॉक्टरों ने जवान को पीटते समय भी कहा था कि होशियारी करोगे, तो हड़ताल कर देंगे।

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