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जेल में किसी से नहीं मिलना चाहते आनंद गिरि, हाई सिक्योरिटी बैरक में सीसीटीवी की निगरानी में है आनंद, बैरक के बरामदे से बाहर जाने की इजाजत नहीं

प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में मुख्य आरोपी आनंद गिरि को जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। उनकी हर एक गतिविधि पर सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है। उन्हें केवल बैरक के बरामदे तक ही जाने की अनुमति है। बरामदे में धूप तक नहीं आती है। अक्सर आनंद गिरि बरामदे में तनाव में घूमते नजर आते हैं। हालांकि वह रोज 2 घंटे योग और ध्यान करके अपने तनाव को काबू में रखने की कोशिश कर रहे हैं।

अपने गुरु नरेंद्र गिरि से क्षमा मांगने के बाद भी दोनों के बीच की कड़वाहट कम नहीं हुई थी।

कभी भक्तों का लगता था तांता, आज जेल में सलाखों के पीछे हैं योग गुरु
नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की जांच सीबीआई कर रही है। योग गुरु और छोटे महंत के नाम से प्रसिद्ध आनंद गिरि से कभी मिलने वालों का लेटे हनुमान मंदिर पर तांता लगा रहता था पर आज जेल में वो किसी से नहीं मिलना चाह रहे हैं। उन्होंने जेल अधीक्षक को सख्त कहा है कि कोई भी आए मना कर देना। मैं किसी से नहीं मिलूंगा।

जेल में भी अपना रूटीन बरकरार रखा है आनंद गिरि ने-
जेल सूत्रों के मुताबिक जेल में होने के बाद भी योग गुरु सुबह चार बजे उठ जाते हैं। इसके बाद वह करीब दो घंटे तक योग-ध्यान करते हैं। हाई सिक्योरिटी बैरक में होने के नाते उनकी बैरक में सीसीटीवी कैमरा लगा है। उनकी हर गतिविधि पर कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जाती है।

10 बाई 10 की बैरक में सीमेंट के बेड पर सोते हैं-
आनंद गिरी को करीब 10 बाई 10 की बैरक में रखा गया है। यह बैरक हाई सिक्योरिटी है और सीसीटीवी से लैस है। यहां आनंद गिरि को हाई प्रोफाइल होने के बाद भी कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं दी गई है। बैरक में एक साधारण कैदी की तरह ही उन्हें ट्रीटमेंट दिया जाता है। वैभवशाली जीवन जीने वाले आनंद गिरि को सीमेंट के बेड पर सोना पड़ रहा है। उसकी चौड़ाई इतनी कम है कि करवट भी ठीक से नहीं लिया जा सकता।

बैरक में ही मिलता है नाश्ता और खाना-
आनंद गिरी को और कैदियों की तरह नाश्ता और खाने के लिए बाहर नहीं आना होता है। उन्हें बैरक में ही सुबह नाश्ता व दोपहर में लंच और रात में डिनर दिया जाता है। उनकी सिक्योरिटी को देखते हुए बैरक में खाना पहुंचा दिया जाता है। बुधवार को उन्हें चाय के बाद गुड़ और पावरोटी नाश्ते में दी गई। दोपहर एवं शाम को एक सामान्य कैदियों के सामान उन्हें दाल, रोटी व आलू की सब्जी दी गई।

आद्या व संदीप को एक बैरक में रखा गया-
श्री बाघंबरी गद्दी मठ व लेटे हनुमान मंदिर के महंत रहे नरेद्र गिरि की संदिग्ध दशा में हुई मौत के बाद हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी रहे आद्या तिवारी एवं उनका बेटा संदीप तिवारी को भी हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। इन दोनों पर भी 24 घंटे नजर रखी जा रही है।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय ने बताया कि आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी व संदीप तिवारी को एक सामान्य कैदी की तरह ही रखा गया है। उनपर सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है। बैरक से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है।

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