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पुलिस की लाठी से बच्चे की मौत पर FIR, 2 सब इंस्पेक्टर और एक ग्रामीण पर केस, आधी रात तक सड़क पर चली पंचायत

विवाद के दौरान पत्थर उठाए हुए ग्रामीण।

मध्यप्रदेश। शिवपुरी में ग्रामीण और पुलिस के बीच हुई झड़प में एक साल के बच्चे की मौत के बाद देर रात दो पुलिसकर्मियों सहित तीन लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया। विवाद के बाद सड़क पर बैठ कर प्रशासन के अधिकारियों और समाज के पंचों की पंचायत शुरू हुई। यह पंचायत आधी रात तक चलती रही, करीब 9 घंटे तक चली पंचायत के बाद प्रशासन ने आधी रात को परिजन के आरोप के आधार पर SI अजय मिश्रा और जगदीश रावत के साथ ग्रामीण मलखान को मासूम की हत्या का आरोपी मानते हुए केस दर्ज कर लिया।

पाइप खेत की तरफ खोलने की बात पर हुआ था विवाद-
मंगलवार दोपहर पुलिया के पाइप का मुंह किसान के खेत और मकान की तरफ खोलने की बात पर जमकर बवाल हुआ था। प्रदर्शन के दौरान चक्काजाम, लाठीचार्ज, पथराव की घटना के बाद 1 साल के बच्चे की मौत की बात सामने आई थी। मामले में पीड़ित 33 साल के अशोक जाटव निवासी रामनगर गधाई गांव की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। उसने पुलिस को बताया, ‘मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे नायब तहसीलदार नरवर ने हमें बुलाया था, क्योंकि मेरे खेत में अवैध पुलिया निर्माण का काम चल रहा था। मेरे पक्ष रखने के बाद तहसीलदार ने करीब 15 पुलिस वालों को बुलाया, जिन्होंने हमारे परिवार, औरतों के साथ मारपीट की।

ग्रामीणों के हमले में घायल हुए एसआई राघवेंद्र यादव अभी भी होश में नहीं आए हैं।

अजय मिश्रा SI ने लाठी मेरी पत्नी वंदना को मार दी, मेरी पत्नी की गोद में मेरा बच्चा शिवा जाटव था, उसके सिर में लाठी लगी, जिससे उसकी माैत हाे गई। SI जगदीश रावत ने भी पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट की। इन सब के साथ मलखान नाई निवासी गधाई भी था, उसने भी मारपीट को अंजाम दिया है। नायब तहसीलदार नरवर रुचि अग्रवाल की मौजूदगी में इस घटनाक्रम को अंजाम दिया गया।’’

यह है विवाद की जड़-
करैरा के रामनगर गधाई गांव में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे से पुलिया निर्माण को लेकर विवाद शुरू हुआ था। ठेकेदार पुलिया बनाने के लिए JCB लेकर पहुंचा निर्माण रोकने के लिए मृतक बच्चे का पिता परिवार के अन्य सदस्य सड़क पर खड़े हो गए। पटवारी से बातचीत के बाद मामला नहीं तो नायब तहसीलदार रुचि अग्रवाल मौके पर पहुंचीं। उन्होंने करेरा SDM को मामले की सूचना दी और SDM के आदेश पर करेरा और नरवर थाने से पुलिस मौके पुलिस फोर्स पहुंच गया था। ग्रामीण परिवार और पुलिस के बीच झड़प होने लगी। बाद में बच्चे की मौत को लेकर परिवार वालों ने आरोप लगाना शुरू कर दिया। झड़प और खींचतान के दौरान बच्चा कहीं नजर नहीं आया, ऐसे में अधिकारी भी हैरान है कि मौत कैसे हुई।

बच्चे के सिर पर चोट से प्रतीत हो रहा है कि हमला कर उसकी हत्या की गई है। घटना के बाद कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह और एसपी राजेश सिंह शाम करीब 5 बजे घटनास्थल पहुंच गए। परिजन व भीड़ के बीच कलेक्टर-एसपी बैठकर बातचीत करते नजर आए, लेकिन परिजन व अन्य लोग बच्चे की मौत के लिए पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की जिद पर अड़े रहे। अशोक का आरोप है कि एस्टीमेट में पुलिया नहीं थी, फिर भी ठेकेदार गांव के विरोधी पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए निर्माण कराने जा रहा था।

शुरुआती झड़प के वीडियो में SI यादव पर हमला, फिर पुलिस हरकत में आई-
पुलिस व परिवार का शुरुआत का वीडियो सामने आया है। यह वीडियो गांव के ही युवक अजय ने सोशल साइट पर लाइव चलाया था। इसमें मृतक बच्चे के परिजन को हटाने के लिए SI राघवेंद्र यादव और और एक व्यक्ति का हाथ पकड़कर हटाने लगे तभी परिवार के लोग भड़क गए और फिर दूसरे पुलिस वाले भी पकड़ने के लिए आगे आए। इसी बीच अचानक पीछे से SI राघवेंद्र यादव पर किसी युवक ने हमला कर दिया, जिससे वे सड़क पर ही बैठे रह गए। शुरुआती झड़प के बाद दूसरे ग्रामीणों ने भी मोबाइल से वीडियो बनाए हैं, जिसमें पुलिस महिलाएं और पुरुषों को खींचकर ले जा रही हैं।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा हत्या का राज-
प्रशासन ने पंचायत के बाद रात को ही बच्चे का पीएम करवा लिया है, ताकि मौत की असल वजह सामने आ सके कि बच्चे की मौत की वजह पुलिस की लाठी की चोट है या फिर किसी अन्य कारण से बच्चे की मृत्यु हुई है। पीएम रिपोर्ट सामने आने के बाद काफी कुछ स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।

हर वीडियो की पड़ताल करने में जुटी पुलिस-
पुलिस इस पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए विवाद के दौरान बनाई गई प्रत्येक वीडियो की पड़ताल करने में जुट गई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जब विवाद हुआ था तो पूरे घटनाक्रम में कहीं से कहीं तक बच्चा नहीं था, इसके बाद अचानक से बच्चा आखिर कहां से आ गया? यह पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु है।
SI राघवेंद्र यादव अभी भी बेहोश
इस पूरे घटना क्रम में ग्रामीणों के हमले में घायल हुए SI राघवेंद्र यादव अभी भी होश में नहीं आए हैं। SDOP जीडी शर्मा का कहना है कि SI के घायल होने के कुछ समय बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई और वह बेहोश हो गए। उनको इलाज के लिए ग्वालियर रैफर किया गया है, जहां सुबह तक उनको होश नहीं आया है।

हर एंगल से मामले की जांच करवा रहे हैं-
करैरा SDOP जीडी शर्मा ने परिजनों की शिकायत के आधार पर दो पुलिसकर्मियों सहित एक ग्रामीण पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। हमने रात को ही बच्चे का पोस्टमॉर्टम करवा दिया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद बच्चे की मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। हम हर एंगल से मामले की जांच करवा रहे हैं, ताकि हर पक्ष को न्याय मिल सके।

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