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पूर्व मंत्री उमर सिंघार के लिए कांग्रेस हुई एकजुट, कमलनाथ बोले- कानूनी चक्रव्यूह में फंसाना चाह रही सरकार

उमंग सिंघार मामले में कमलनाथ ने पूर्व मंत्रियों और विधायकों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की।

मध्यप्रदेश। सोनिया भारद्वाज के सुसाइड में फंसे मध्यप्रदेश के पूर्व वन मंत्री और गंधवानी से विधायक उमंग सिंघार के लिए कांग्रेस एकजुट हो गई है। उमंग सिंघार के पक्ष में गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस कमेटी और विधायक दल के पूर्व मंत्री व विधायक भोपाल में एकत्रित हुए। सभी ने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ से मुलाकात की। बैठक में सिंघार के खिलाफ राजनीतिक विद्रोह की भावना से दर्ज एफआईआर वापस लेने के लिए रणनीति बनाई गई।

कमलनाथ कहना था कि मृतका सोनिया के बेटे आर्यन और उसकी मां के बयान के बाद स्पष्ट हो गया है कि मामले में विधायक सिंघार के खिलाफ बिना ठोस साक्ष्य के ही मामला दर्ज किया गया। यह राजनीतिक विद्वेष की भावना से किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से भी मेरा यही कहना है, मामले को राजनीतिक दुर्भावना से नहीं देखा जाना चाहिए।

पार्टी इस मुद्दे को आक्रामक तरीके से उठाना चाहती है। इसके पीछे मुख्य वजह सोनिया के बेटे आर्यन का सिंघार के साथ खड़ा होना है। इससे दो दिन पहले पूर्व मंत्री जीतू पटवारी समेत पांच विधायक डीजीपी से उमंग सिंघार के खिलाफ कार्रवाई राजनीति से प्रेरित बताते हुए मुलाकात कर चुके हैं। शाहपुरा पुलिस ने उमंग सिंघार को सोनिया को आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में आरोपी बनाया है।

पांच दिन बाद सक्रिय हुई कांग्रेस-
सोनिया ने 16 मई की शाम सिंघार के घर पर खुदकुशी की थी। उस दौरान सिंघार घर पर नहीं थे। घटना के दूसरे दिन रात करीब 10 बजे पुलिस ने सिंघार के खिलाफ FIR कर ली थी। हालांकि अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं की है। इस दौरान सोनिया के बेटे आर्यन ने दावा किया कि न तो उनकी मां ने सुसाइड नोट में सिंघार के खिलाफ लिखा था और न ही उन्होंने सिंघार पर आरोप लगाए। उनके पास सिंघार पर आरोप लगाने के सबूत नहीं है।

आर्यन ने मुख्यमंत्री और डीजीपी को पत्र लिखकर सिंघार के खिलाफ FIR वापस लेने की मांग की है। कांग्रेस पार्टी की पहले तीन दिन तक प्रतिक्रिया नहीं दी गई, लेकिन आर्यन के सिंघार के पक्ष में खुलकर सामने आने के बाद कांग्रेस अब सिंघार के साथ खड़ी होती नजर आने लगी है। सिंघार प्रदेश में कांग्रेस के लिए एक बड़ा आदिवासी चेहरा है। ऐसे में पार्टी नहीं चाहती कि ऐसे में समय में यह संदेश जाए कि पार्टी ने उन्हें अकेला छोड़ दिया।

अग्रिम जमानत के लिए आर्यन के बयान का सहारा-
विधायक सिंघार के पास पुलिस से गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत लेना जरूरी है। इसके लिए सिंघार आर्यन के बयान के सहारे अपना पक्ष कोर्ट के सामने रख सकते हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि सारे सबूत जमा करने के बाद उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। हालांकि पुलिस फिलहाल उनकी गिरफ्तारी करने से बच रही है।

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