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पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की हालत नाजुक, सीएम योगी PGI पहुंचे, लंग्स के बाद किडनी में भी फैला इंफेक्शन, अगले 24 घंटे काफी अहम, डॉक्टर्स ले सकते हैं बड़ा फैसला

लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की हालत बेहद नाजुक हो गई है। उनके लिए 24 घंटे काफी अहम हैं। लंग्स के बाद किडनी में भी इंफेक्शन फैल गया है। बीते 7 दिनों से वह वेंटिलेटर पर हैं। उनका लखनऊ स्थित पीजीआई में इलाज चल रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ कल्याण सिंह से मिलने PGI पहुंचे हैं।

सूत्रों का कहना है कि कल्याण सिंह को लेकर डॉक्टरों की टीम आज कोई बड़ा फैसला ले सकती है। पीजीआई प्रशासन का दावा है कि उनकी सेहत की हर पल मॉनिटरिंग के लिए कई डिपार्टमेंट के एक्सपर्ट फैकल्टी को लगाया गया है। इस बीच पूर्व सीएम के परिवार के लोग भी लगातार पीजीआई में मौजूद हैं। हालांकि दो दिन से किसी बड़े नेता ने कल्याण सिंह से मुलाकात नहीं की।

बीते दिनों केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कल्याण सिंह से मुलाकात की थी।

रिकवरी हो रही थी, फिर अचानक बिगड़ी तबियत-
पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. आरके धीमन के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री को पीजीआई में भर्ती करने के बाद उनकी रिकवरी हो रही थी। इसी बीच सेप्सिस के कारण उन्हें सांस लेने में समस्या हुई। उनके फेफड़ों में परेशानी बढ़ गई। ऐसे में 18 जलाई को उन्हें हाई प्रेशर ऑक्सीजन मास्क से नॉन इनवेसिव वेंटिलेशन (NIV) पर रखा गया है।

इंफेक्शन कंट्रोल के लिए एंटीबायोटिक और एन्टीफंगल दवाइयों का कोर्स भी शुरू कर दिया गया है। 20 जुलाई की रात में उनकी तबीयत और खराब हो गई, इसीलिए उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। अब किडनी में भी परेशानी देखी जा रही है। ऐसे में उन्हें डायलिसिस पर रखा गया है। उन पर एक्सपर्ट डॉक्टरों का पैनल लगातार नजर रख रहा है।

इलाज के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है, जिसमें प्रो. बनानी पोद्दार, प्रो. अफजल अहमद, प्रो. नारायण प्रसाद, प्रो. सुनील प्रधान, प्रो. वीके पालीवाल, प्रो. ईश भाटिया और प्रो. अमित केसरी हैं। निगरानी में संस्थान के निदेशक हेपेटोलॉजिस्ट प्रो. आरके धीमान, सीएमएस एवं इंडो सर्जन प्रो. गौरव अग्रवाल भी लगे हैं।

एक महीने पहले अस्पताल में भर्ती हुए थे-
21 जून को अचानक पूर्व सीएम कल्याण सिंह की तबियत बिगड़ी थी। उन्हें लखनऊ के लोहिया संस्थान में भर्ती करवाया गया था। जांच के दौरान उनमें अनियंत्रित ब्लड शुगर, एक्यूट बैक्टीरियल इंफेक्शन की शिकायत पाई गई। साथ ही मस्तिष्क के सीटी स्कैन में खून का थक्का पाया गया। इसके अलावा माइनर हार्ट अटैक के भी लक्षण पाये गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दखल के बाद उन्हें उसी दिन पीजीआई में शिफ्ट किया गया।

कब कौन कल्याण सिंह से मिलने पहुंचा-
22 जुलाई: विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित।
21 व 4 जुलाई: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह।
20 जुलाई: राज्यपाल आनंदी बेन पटेल।
04, 06 व 18 जुलाई: सीएम योगी आदित्यनाथ।
08 जुलाई: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा।
प्रधानमंत्री के निर्देश पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष के साथ नई दिल्ली से लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट से सीधे पीजीआई का रुख किया, और कल्याण सिंह से मुखातिब हुए। उनके साथ राधामोहन सिंह, यूपी के सीएम, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व प्रदेश के महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी पीजीआई पहुंचे थे।

ये केंद्रीय मंत्री भी मिलने गए-
11 जुलाई: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग व जल शक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल।
12 जुलाई: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी।
12 जुलाई: चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना।
13 जुलाई: प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा व आबकारी मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री।

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