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बारिश में सावधानी बरतें तो नहीं लगाने होंगे अस्पताल के चक्कर, जलजमाव की वजह से बारिश में फैलते हैं संक्रामक रोग, वायरल बुखार के साथ-साथ सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़े, कूलर चलाएं, मगर पानी का प्रयोग न करें- डॉ.प्रजापति

डॉ.आरएस प्रजापति, वरिष्ठ फिजीशियन।

उत्तरप्रदेश। हमीरपुर जिले में बारिश के मौसम ने बीमारियों को आमंत्रित करना शुरू कर दिया है। जलजमाव की वजह से होने वाली बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य और स्थानीय निकाय विभाग भी अलर्ट है। इस मौसम में बारिश से कई स्थानों पर जलजमाव, कीचड़ व गंदगी से पैदा होने वाले मच्छर व बैक्टीरिया बीमारियां फैलाते हैं। इसके अलावा मौसम में नमी के कारण बैक्टीरिया अधिक पनपते हैं जो पानी और खाद्य पदार्थों को दूषित कर, शरीर की बीमारियों का कारण बनते हैं। इस वक्त अस्पतालों में मौसम के मारे मरीजों की लाइन लग रही है। प्रतिदिन 600 से लेकर 800 मरीज ओपीडी में आ रहा है। इसमें ज्यादातर मरीज वायरल बुखार की चपेट में हैं। सर्दी, जुकाम, खांसी के मरीजों की भी अच्छी-खासी संख्या है। दूषित खानपान की वजह से लोग उल्टी-दस्त के भी शिकार हो रहे हैं। लेकिन अगर जरा सी सावधानी बरती जाए तो अस्पतालों के चक्कर लगने से बचाया जा सकता है।

जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।

जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.आरएस प्रजापति का कहना है कि बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा वायरल बुखार फैलता है। इससे बचने के लिए सादा खाना खाएं, पानी उबाल कर पिएं और बाहरी चीजों से पूरी तरह से परहेज करें। कूलर का प्रयोग बगैर पानी के करें। पानी के साथ अगर कूलर चलाएंगे तो बीमार होने से कोई नहीं हो रोक पाएगा। वायरल बुखार के लक्षण होने पर तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें।

डॉ.प्रजापति ने बताया कि इस मौसम में डायरिया सबसे आम समस्या है, जो बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होता है। इसमें पेट में मरोड़ होने के साथ ही दस्त आते हैं। हैजा रोग भी दूषित भोज्य व पेय पदार्थों के कारण होता है। पेट में ऐंठन के साथ लगातार होने वाले उल्टी-दस्त इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं। जिसके कारण शरीर में पानी की कमी होना और मिनरल्स की कमी हो जाती है और मरीज बेहद कमजोर हो जाता है।

घरों के आसपास जलजमाव न होने दें-
जिला मलेरिया अधिकारी आरके यादव ने बताया कि बारिश के मौसम में मलेरिया आम लेकिन गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो जलजमाव से पैदा होने वाले मच्छरों के काटने से होती है। इससे बचने के लिए अपने आसपास पानी का जमाव न होने दें। डेंगू बुखार भी मच्छरों के काटने से ही फैलता है, लेकिन डेंगू फैलाने वाले मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, इस बात का विशेष ध्यान रखें। एडिज मच्छर के काटने से फैलने वाले इस रोग का प्रभाव मरीज के पूरे शरीर और जोड़ों में तेज दर्द के रूप में होता है। इससे बचने के लिए मच्छरों से बचें और घर से निकलने से पहले शरीर को पूरी तरह ढंककर रखें। चिकनगुनिया भी मच्छरों से फैलने वाला बुखार है, जिसका संक्रमण मरीज के शरीर के जोड़ों पर भी होता है और जोड़ों में तेज दर्द होता है। इससे बचने के लिए जलजमाव से बचें।

(हमीरपुर ब्यूरो अजय शिवहरे)

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