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मशीनों से नही अपितु श्रमिक मूलक कार्य कराएं, सुनिश्चित करे काम के अभाव में श्रमिकों का पलायन न हो दो पंचायत सचिव, पीसीओ, उपयंत्री को नोटिस जारी

छतरपुर ज.सं। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बुधवार को जनपद पंचायत राजनगर सभाकक्ष में पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, उपयंत्री एवं सहायक यंत्री, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर से ग्रामीण विकास तथा मनरेगा योजना के विकास कार्यो की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि जरूरतमंद लोगों को मनरेगा योजना में स्थानीय स्तर पर ही रोजगार दे। कार्य में मशीने लगाकर नही, बल्कि श्रमिकों उपलब्धता सुनिश्चित करे, और काम के अभाव में किसी भी श्रमिकों का पलायन न हो यह सुनिश्चित करे। श्रमिकों को रोजगार नही देने के कारण ग्राम पंचायत बमीठा के सचिव राजनारायण रैकवार, पीसीओ रामकिशन पटेल और उपयंत्री प्रदीप चतुर्वेदी और डुमरा पंचायत के सचिव जागेश्वर प्रसाद पटेल को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। बैठक में राजनगर एसडीएम डी.पी. द्विवेदी और सीईओ जनपद पंचायत प्रीतपाल सिंह बागरी भी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि जहां मशीनों की जरूरत नही होने पर भी कार्य कराया जाता है तो ऐसे सभी कर्मचारियों और अधिकारियों पर एफआईआर की जाये। मनरेगा योजना में बहुत से ऐसे काम है जो श्रमिकों की मदद से हो सकते है। उन्होंने ने कहा कि पीएम ग्रामीण आवास शीघ्र पूर्ण कराएं। पात्रों को ही लाभ दे। अपात्रों हितग्राहियों को लाभ न दे। स्वीकृत आवास एक माह से अधिक लंबित नही रहे। जो हितग्राही आवास निर्माण नही करा रहे, उन्हे नोटिस दे। तब भी आवास नही बनाए तो उनसे दी गई राशि वसूल करे, रकम न देने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करे।
किसानों की आय में वृद्वि के लिए ऐसे फलदार पौधे रोपित कराये जाए जिससे उत्पादकता बढ़े। स्वच्छ भारत मिशन में शासन के निर्देश का पालन करते हुये लक्ष्य की पूर्ति करे। हितग्राही मूलक योजना में प्रत्येक पंचायत में 5 सामुदायिक और 5 हितग्राही मूलक कार्य कराना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि गांव में यहां-वहां घूरे नही पड़े रहे। घूरे से नाडेप खाद तैयार की जाए। इसका उपयोग किसानों की आय बढ़ाने में करे। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कमांड नही है वहां कपिल धारा के कुएं बनावाये। इसके लिए बधाई पूरी होने तक लगनी वाली राशि व्यय करे। मनरेगा योजना में साढ़े तीन फिट ऊंचाई से छोटे फलदार पौधे नही रोपे। किसानों की मेढ़ो पर हाईब्रिड फलदार पौधे लगाएं। छतरपुर जिले की जलवायु में सीट्रस फूड जैसे नीबू, संतरे, मोसम्बी के साथ जिनमें विटामिन-सी प्रचूर मात्रा पाये जाते है के पौधे रोपे जाए।

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