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मोदी का केदारनाथ दौरा, प्रधानमंत्री बोले- मैंने यहां तबाही देखी थी, लेकिन भरोसा था यह अधिक शान से उठ खड़ा होगा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को केदारनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने यहां गर्भगृह में करीब 15 मिनट तक पूजन किया, फिर मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद आदि गुरु शंकराचार्य के हाल ही में बने समाधि स्थल पर शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण किया। ये प्रतिमा 12 फुट लंबी और 35 टन वजनी है।

केदारनाथ धाम में पीएम ने कई प्रोजेक्ट का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। इस दौरान उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। इसके बाद ‘जय बाबा केदार’ के उद्घोष के साथ पीएम मोदी ने अपना संबोधन शुरू किया। पीएम मोदी ने संबोधन के दौरान 2013 में केदारनाथ में आई तबाही को याद किया। उन्होंने ये भा कहा कि अगला दशक उत्तराखंड का है। यहां पर्यटन काफी बढ़ने वाला है।

पीएम मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें:
1- अपनी आंखों से उस तबाही को देखा था-
मोदी ने कहा, ‘बरसों पहले जो नुकसान यहां हुआ था, वो अकल्पनीय था। मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था और अपने आप को रोक नहीं पाया था। मैं यहां दौड़ा चला आया था। मैंने अपनी आंखों से उस तबाही को देखा था, उस दर्द को सहा था। जो लोग यहां आते थे, वो सोचते थे कि क्या ये हमारा केदार धाम फिर से उठ खड़ा होगा? लेकिन मेरे भीतर की आवाज कह रही थी की ये पहले से अधिक आन-बान-शान के साथ खड़ा होगा। यह विकास कार्य ईश्वर की कृपा से हुआ।

2- पानी और जवानी दोनों पहाड़ के काम आएगी-
पीएम ने कहा, ‘कहा जाता था कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम नहीं आती। मैंने यह तय किया कि यहां का पानी और जवानी दोनों पहाड़ के काम आएगी। उत्तराखंड से पलायन को रोकना है। अगला दशक उत्तराखंड का है। यहां पर्यटन काफी बढ़ने वाला है।’ मोदी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्तराखंड में चार धामों से सड़क संपर्क और हेमकुंड साहिब के पास रोपवे सहित कई बुनियादी ढांचागत कार्यों की योजना है।

3- तीर्थस्थलों की यात्रा, सिर्फ सैर-सपाटा नहीं-
मोदी ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि आज के दौर में आदि शंकराचार्य का सिद्धांत और ज्यादा प्रासंगिक हो गया है। हमारे यहां तीर्थस्थलों की यात्रा, तीर्थाटन को जीवनकाल का हिस्सा माना गया है। यह हमारे लिए सिर्फ सैर-सपाटा नहीं है। यह भारत का दर्शन कराने वाली जीवंत परंपरा है। हमारे यहां व्यक्ति की इच्छा होती है कि जीवन में एक बार चारधाम यात्रा जरूर कर लें, गंगा में एक बार डुबकी लगा लें।

4- उत्तरप्रदेश में काशी का भी कायाकल्प-
अयोध्या को उसका गौरव सदियों के बाद मिल रहा है। दो दिन पहले वहां दीपोत्सव कार्यक्रम था। उत्तरप्रदेश में काशी का भी कायाकल्प हो रहा है। भगवान बुद्ध और भगवान राम से जुड़े जितने भी तीर्थस्थान हैं उन्हें जोड़कर सर्किट बनाने का काम चल रहा है।

5- समय के दायरे में बंधकर भयभीत होना भारत को मंजूर नहीं-
इस समय हमारा देश आजादी का अमृत महोत्सव भी मना रहा है। देश अपने भविष्य के लिए नए संकल्प ले रहा है। इन संकल्पों में हम आदि शंकराचार्य को बहुत बड़ी परंपरा के रूप में देख सकते हैं। अब देश अपने लिए बहुत बड़े लक्ष्य निर्धारित करता है। कठिन समय ही नहीं, समय की सीमा भी हम निर्धारित करते हैं। कुछ लोग कहते हैं कि इतने कम समय में यह कैसे होगा। कभी कहते हैं कि होगा भी नहीं होगा। तब मुझे 130 करोड़ देशवासियों की आवाज सुनाई देती है कि समय के दायरे में बंधकर भयभीत होना अब भारत को मंजूर नहीं है।

बाबा केदारनाथ को चढ़ाए बाघांबर वस्त्र-
पीएम मोदी ने केदारनाथ धाम पहुंचकर बाघांबर वस्त्र चढ़ाए। यहां उन्होंने षोडशो पूजन किया। दूध, दही, मधु आदि चीजों से बाबा केदार की पूजा की गई।

आदि शंकराचार्य के समाधि स्थल का लोकार्पण-
पीएम मोदी ने आदि शंकराचार्य के समाधि स्थल का लोकार्पण किया है। 2013 में केदारनाथ में आई प्राकृतिक आपदा में ये क्षतिग्रस्त हो गया था। यहां पीएम मोदी ने कुछ देर तक ध्यान भी किया।

प्रतिमा के निर्माण का काम 2020 में शुरू हुआ था-
श्री आदि शंकराचार्य की प्रतिमा के निर्माण के लिए 18 मॉडल तैयार किए गए थे। प्रधानमंत्री की सहमति के बाद इनमें से एक मॉडल को चुना गया था। कर्नाटक के मैसूर के मूर्तिकार अरूण योगीराज ने इस मूर्ति को बनाया है। ब्लैक स्टोन से इसका निर्माण किया गया है। प्रतिमा के निर्माण का काम 2020 में शुरू हुआ था। 9 लोगों की टीम ने तकरीबन एक साल में इसे तैयार किया है। इस साल सितंबर महीने में मूर्ति को मैसूर से चिनूक हेलीकॉप्टर से उत्तराखंड लाया गया था।

केदारनाथ में करोड़ों के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन-
प्रधानमंत्री ने केदारनाथ में 150 करोड़ रुपए की लागत से शुरू होने वाले कई प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। उन्होंने उत्तराखंड में करीब 250 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुए अलग-अलग बुनियादी ढांचों का भी उद्घाटन किया।

कोरोना के दौर में पिछले साल नहीं आ पाए थे मोदी-
PM मोदी बाबा केदार के बड़े भक्त हैं। यहां उन्होंने अपने जीवन के कई साल गुजारे हैं। वे यहां हर साल आते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। हालांकि, कोरोना महामारी के कारण वे पिछले साल बाबा केदार के दर्शन के लिए नहीं आ पाए थे।

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