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श्रीनगर में आतंकी हमला, शेर-ए-कश्मीर अस्पताल के सामने जवानों पर फायरिंग कर भागे दहशतगर्द, सर्च ऑपरेशन जारी

आतंकवादी संगठन गाजी स्क्वाड ने बेमिना में सुरक्षाबलों पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

श्रीनगर। श्रीनगर के बेमिना में स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (SKIMS) के सामने आतंकियों ने शुक्रवार दोपहर फायरिंग की। नागरिकों की मौजूदगी का फायदा उठाकर आतंकवादी भागने में सफल रहे। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

आतंकवादी संगठन गाजी स्क्वाड ने बेमिना में सुरक्षाबलों पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इसने कहा है कि ये हमला पाकिस्तान की क्रिकेट टीम की जीत पर जश्न मनाने वाले लोगों पर दर्ज FIR के विरोध में किया गया है।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में माइन ब्लास्ट में एक जवान घायल हो गया। घटना गुरुवार शाम जिले के केरनी के सीमावर्ती इलाके में हुई। सूत्रों ने बताया कि घायल सैनिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आम लोगों को निशाना बना रहे आतंकी-
कश्मीर में पिछले महीने एक हफ्ते में आतंकी 5 आम लोगों की हत्या कर चुके हैं। इनमें श्रीनगर में एक कश्मीरी पंडित दवा कारोबारी, एक कश्मीरी पंडित टीचर, सिख समुदाय की महिला प्रिंसिपल, एक बिहार का स्ट्रीट वेंडर और एक बांदीपोरा का नागरिक शामिल है।

मुठभेड़ में मारे गए आम लोगों की हत्या के आरोपी-
जम्मू-कश्मीर में हाल में आम लोगों और अल्पसंख्यकों की हत्या में शामिल रहे दो आतंकवादियों को 15 अक्टूबर को सुरक्षाबलों के साथ पुलवामा और श्रीनगर जिलों में हुई अलग-अलग मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। कश्मीर के IGP विजय कुमार ने ट्वीट किया, हाल में एक केमिस्ट (बिंदरू) और दो शिक्षकों (सुपिंदर कौल और दीपक चंद) की हत्या में शामिल रहे दो आतंकवादियों शाहिद और तनजील को आज अलग-अलग मुठभेड़ में मारा गिराया गया।

लश्कर-ए-तैयबा के 6 आतंकी ढेर-
इससे पहले सेना ने राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा के 6 आतंकियों को ढेर किया था। सूत्रों के मुताबिक सेना के अफसरों ने आतंकियों से निपटने के लिए नई रणनीति बनाई है। इसके तहत इंतजार करो, आतंकियों को गांव तक आने दो, फिर उन पर टूट पड़ो की नीति पर अमल किया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में लश्कर के 9 से 10 आतंकी पाकिस्तान से राजौरी-पुंछ जिले के जंगलों में आए थे। इनके अलावा भी कई बार घुसपैठ की कोशिशें हुईं, लेकिन सेना ने उन्हें नाकाम कर दिया।

मुठभेड़ में शहीद हुए 11 जवान-
अक्टूबर और नवंबर के महीने में राजौरी के जंगलों में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना के 9 जवान शहीद हुए हैं। पिछले दिनों ही एक गश्त के दौरान सेना के दो जवान शहीद हो गए थे। इससे पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत ने 16 अक्टूबर को इस इलाके का दौरा किया था। उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों को संभालने वाले कमांडरों के साथ बात की थी।

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