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श्री राम ने की रामेश्वरम महादेव की स्थापना, रामसेतु पर चलकर लंका पंहुची सेना, रावण दहन और राज्याभिषेक आज, पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास के सहयोग से हो रहा अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल मंचन, गुरुवार को रामलीला में कुंभकर्ण, मेघनाथ और अहिरावण वध की लीला का हुआ मंचन, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, आस्ट्रेलिया, मलेशिया सहित 156 देशों में लाखों श्रद्धालु ओरछा की रामलीला का सीधा प्रसारण देख रहे हैं

मध्यप्रदेश। निवाड़ी जिले की आध्यात्मिक नगरी ओरछा में चल रही अंतर्राष्ट्रीय रामलीला में गुरुवार को लीला के नवमें दिन कुंभकर्ण, मेघनाथ और अहिरावण वध की लीला का मंचन हुआ। वहीं बुधवार देर रात लीला में दिखाया गया कि भगवान श्री राम जब सेना के साथ लंका पर चढ़ाई करने निकलते है, लेकिन विशाल समुद्र पार करने के लिए कोई उपाय नहीं दिखाई देता तब प्रभु श्री राम समुद्र से रास्ता मांगते हैं, लेकिन तीन दिन तक जब समुद्र कोई उत्तर नहीं देता है तो श्री राम क्रोध में आकर धनुष बाण उठाते हैं। राम के क्रोध से घबराकर समुद्र प्रकट होता है और समुद्र पार उतरने का रास्ता बताता है।

गुरुवार को रामलीला में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. वीरेन्द्र कुमार, उ.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद जगदंबिका पाल, उ.प्र. विधान परिषद के सभापति कुँअर मानवेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री व अध्यक्ष व्यापारी कल्याण बोर्ड रविकांत गर्ग मथुरा , संस्कार भारती मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रमोद झा, राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष जगदीश मित्तल, झांसी मेयर रामतीर्थ सिंहल उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर नौंवे दिन की लीला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर ओरछा के राजा राम की लीला के चेयरमैन सत्य भूषण जैन, समिति के अध्यक्ष डा. वेदप्रकाश टंडन, कार्यक्रम संयोजक अमित राय, रामलीला के डायरेक्टर नितिन बत्रा, कापरेटिव बैंक टीकमगढ़ के पूर्व अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी, सांसद प्रतिनिधि अनुराग वर्मा, कवि सुमित मिश्रा, अनिल पांडे, सुखसागर मिश्रा मौजूद रहे। इस दौरान छतरपुर, सतना, रायपुर, बिलासपुर, दिल्ली सहित बुंदेलखंड भर के स्थानों से समाचार पत्रों के संपादक आयोजन में शिरकत करने पहुँचे। रामलीला समिति के चेयरमैन व अध्यक्ष ने हरी अग्रवाल, सुरेंद्र अग्रवाल, ब्रजेश अग्रवाल, संटू सेठ सहित सभी समाचार पत्रों के संपादकों का सम्मान किया।

श्रीराम के स्पर्श से पानी में तैरे पत्थर-
बांधि सेतु अति सुदृढ़ बनावा, देखि कृपानिधि के मन भावा। चली सेन कछु बरनि न जाई, गर्जहिं मर्कट भट समुदाई। अर्थात नल-नील ने सेतु बांधकर उसे बहुत मजबूत बनाया। समुद्र पर सेतु निर्माण पूर्ण होने पर कृपानिधान श्री रामजी के मन को बहुत अच्छा लगा। योद्धा वानर गरजते हुए लंका पहुंचते हैं। यह समाचार जब लंका में रावण का दूत उसे बताता है तो वह अपने मंत्रियों से विचार विमर्श करता है, तभी वहां विभीषण पहुंचते हैं और रावण को समझाते हैं कि श्रीराम से बैर लेना ठीक नहीं। जिसके बाद रावण उन्हें लंका से बाहर निकाल देता है। विभीषण राम की शरण में चले जाते हैं। सेतु बनने के बाद श्रीराम भगवान शिव की स्थापना करते हैं और कहते हैं कि शिव से ज्यादा उन्हें कोई प्यारा नहीं हैं। जो मेरे द्वारा स्थापित रामेश्वरम महादेव का दर्शन करेगा वह परम धाम को प्राप्त होगा। रामलीला में रामेश्वर पूजन के प्रसंग का अद्भुत ढंग से मंचन किया गया।

हनुमान लाये संजीवनी बूटी-
बुधवार को लीला में दिखाया गया कि युद्ध से पहले श्रीराम बाली पुत्र  अंगद को संधि प्रस्ताव लेकर रावण के पास भेजते है। लीला में अंगद-रावण संवाद का शानदार मंचन दिखाया गया। इसके बाद लक्ष्मण-इंद्रजीत युद्ध का मंचन हुआ। युद्ध में इंद्रजीत के शक्ति प्रहार से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। भाई लक्ष्मण के मूर्छित होने पर श्रीराम विलाप करने लगते है।तब हनुमान संजीवनी बूटी लेने जाते हैं और रात बीतने से पहले बूटी लेकर लक्ष्मण को संकट से उबारते है। यह प्रसंग जैसे ही लीला में दिखाया गया तो दर्शकों ने जोरदार जय श्रीराम के जयकारे लगाए।

देश-विदेश में फैली ओरछा की ख्याति-
रामलीला का वर्चुअल प्रसारण विश्व के 148 से अधिक देशों में हो रहा है। हर दिन रात 7 से 10 बजे तक रामलीला का लाइव प्रसारण साधना चैनल पर दिखाया जा रहा है। जिससे देश और विदेश के हजारों श्रद्धालु घर बैठे रामलीला का आनंद उठा रहे हैं। ओरछा में राजा राम की लीला आयोजन समिति के चेयरमेन सत्यभूषण जैन एवं अध्यक्ष वेदप्रकाश टंडन ने बताया कि हर दिन विदेशों से बधाई संदेश मिल रहे हैं। समिति का उद्देश्य यही है कि ओरछा की ख्याति ज्यादा से ज्यादा बढ़े। ताकि यहां के पर्यटन को बढ़ावा मिल सके और रोजगार के अवसर पैदा हों।  

रावण दहन और राज्याभिषेक आज-
रामलीला में अंतिम दिन 15 अक्टूबर को दशहरा महोत्सव, पुतला दहन और भव्य आतिशबाजी का नजारा देखने को मिलेगा। इसके साथ ही श्रीराम और भरत का मिलाप और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला का मंचन होगा। इसके साथ ही 10 दिवसीय भव्य रामलीला का समापन हो जाएगा।

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