Home शक्ति न्यूज़ खास आज जिस किसी परिवार में कोरोना के प्रकोप से मृत्यु हो चुकी...

आज जिस किसी परिवार में कोरोना के प्रकोप से मृत्यु हो चुकी है, उन परिवारों के ऊपर मानो वज्रपात हो गया हो, उनकी स्थिति के बारे में सोचकर अत्यन्त दुःख होता है, माँ गुरूवर से विशेष प्रार्थना है कि इन परिवार के सदस्यों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें

डेस्क न्यूज। आज बहुत ज्यादा विपरीत समय चल रहा है। बहुत सारे लोगों की कोरोना के कारण मृत्यु हो चुकी है। जिनके सदस्यों की मृत्यु हुई है, उनके ऊपर क्या गुजर रही होगी? माँ गुरूवर के चरणों मे विनती है कि पीड़ित परिवार के लोगों को इस दुख़ को सहने की शक्ति प्रदान करें और आगे के जीवन में सुख और समृद्धि प्रदान करें। इस महान क्षति की पूर्ति कोई भी नही कर सकता है परन्तु माँ से प्रार्थना करते हैं की दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान प्रदान करें जिससे ऐसी आत्माओं को शान्ति प्राप्त हो सके।

दरअसल जिसके ऊपर बीतता है उसी को इस असहनीय पीड़ा और दर्द का एहसास होता है।अचानक किसी के हंसते खेलते परिवार में वीरानगी जैसा वातावरण व्याप्त हो गया। जिस किसी को भी ऐसे परिवारों की जानकारी हो,उन सभी लोगों की जो भी हरसम्भव मदद हो जरूर कीजिए। हम लोग उस व्यक्ति को वापस तो नही ला सकते हैं पर उनके दुःख को साझा तो कर ही सकते हैं। ऐसे परिवारों को जो भी प्रशासकीय मदद हो सके दिलाने का हरसंभव प्रयास जरूर कीजिए।आज तमाम ऐसे संगठन हैं जो ऐसे लोगों की सहायता के लिए प्रयासरत हैं।

हम लोग जब भी माँ गुरूवर की साधना के लिए बैठें तो पीड़ित परिवारों के बेहतरी के लिए प्रार्थना कर सकते हैं। ऐसे विपरीत समय में परिवार के प्रत्येक सदस्यों को माँ गुरूवर के क्रमों से अवगत कराना भी अत्यन्त आवश्यक है। माँ जगदम्बे जी की आराधना से आत्मशक्ति की प्राप्ति होगी। आत्मशक्ति से ही हमारे अन्दर संघर्षों से लड़ने की हिम्मत आएगी।

हानि-लाभ,जीवन -मरण, यश और अपयश सभी विधि (माँ दुर्गा जी) के हाँथ में होता है। हम लोगों के वश में सिर्फ धर्म और सत्कर्म करना होता हैं। अपने आचार व्यवहार पर सदैव निगरानी रखना चाहिए।हम लोग अभी तक आँख मूँदकर जीवन जी रहे थे। हमें अब अपनी आँखें खोलकर सतर्क होकर जीना होगा। हम कुछ भी कर सकते हैं ऐसा सदा-सदा के लिए भूलना होगा । अपने जीवन शैली में व्यापक परिवर्तन करना होगा। धर्म को प्राथमिकता देना होगा। ईश्वर की सत्ता को स्वीकार करके चलना होगा। हमारे किसी भी कार्य से कोई भी दुःखी ना हो।

अपनी कमाई के श्रोत पर भी पैनी निगाह होनी चाहिए। गलत तरीके से कमाया हुआ धन परिवार के सभी सदस्यों को नुकसान पहुँचाता है। गलत आचरण करने वाले को दण्ड अवश्य मिलता है, बस समय ऊपर नीचे हौ सकता है। आज का समय विचार करने का समय है की हम ऐसा कोई भी आचरण ना करें जिससे किसी को कष्ट हो। गुरुदेव जी श्री शक्ति पुत्र जी महाराज जी ने कहा है कि आत्मा का जीवन जीएं। प्रेम, दया और करुणा का हमारे हृदय में वास हो। स्थूल से विरक्ति और सूक्ष्म से आसक्ति का जीवन जीना होगा।

जै माता की जै गुरूवर की

लेखक- शिवबहादुर सिंह फरीदाबाद (हरियाणा)

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