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अनियंत्रित होकर घर में घुसा ओवरलोड ट्रक, बाल बाल बचे लोग, सड़को को ध्वस्त कर रहे हैं ओवरलोड ट्रक, काल बनकर दौड़ रहे बालू से भरें ओवरलोड ट्रक

उत्तरप्रदेश। हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के बेरी गांव में चल रही अवैध खदानों से दिन रात ओवरलोड ट्रक बेखौफ दौड़ रहे हैं। हालांकि ट्रक से आए दिन हादसे होते रहे, लेकिन इन ओवरलोड ट्रकों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। रविवार की शाम एसडीएम की छापेमारी के दौरान खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया जिससे ओवरलोड ट्रकों छुपने का स्थान ढूंढ रहे थे तभी एक ओवरलोड ट्रक अनियंत्रित होकर बेरी गांव के मुख्य गेट के पास बने मकान से टकरा गया।

जिससे कई घंटों तक राहगीरों को निकलने के लिए दूसरा रास्ता अपनाना पड़ा। हलिक जब ट्रक अनियंत्रित होकर फिसला तो उस समय मकान में कोई नहीं था नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। वही कुछ दिन पूर्व नई बस्ती के पास एक ट्रक ने विद्युत पोल को तोड़ कर फरार हो गए जिसके दो दिन गांव में अंधेरा छाया रहा।

बालू से भरे ओवरलोड ट्रक जनपद के ग्रामीण मार्गों से लेकर जिलास्तरीय और स्टेट तथा नेशनल हाईवे ध्वस्त हो रहे हैं। सड़कों के भार सहने का जो मानक है, उससे तीन से चार गुना अधिक ओवरलोड वाहन रात-दिन फर्राटे मार रहे हैं।

आमतौर पर पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई जाने वाली सड़कों की भार क्षमता (लोड बियरिंग) 10 से 15 टन की होती है। गांव के संपर्क मार्ग की क्षमता मात्र पांच से सात टन होती है, लेकिन ग्रामीण सड़कों से लेकर जिला, राज्य और राष्ट्रीय मार्गों पर रात-दिन हजारों की संख्या में दौड़ रहे छह चक्का से 22 चक्का तक के ओवरलोड बालू से भरे ट्रकों का लोड 40 से 45 टन तक है यानी सड़कों की क्षमता से तीन गुना से ज्यादा बोझ है।

बेतवा नदी की जलधारा से निकाली जा रही बालू का पानी पूरे रास्ते सड़कों पर रिसता रहता है, जिससे सड़कें तेजी से ध्वस्त हो रही हैं। गड्ढों में जलभराव से हादसे हो रहे हैं। इसमें रोजाना राहगीर या वाहन सवार जान गंवा रहे हैं और घायल हो रहे हैं।


बालू की खदानों से महानगरों तक की सड़कों को रात-दिन राैंद रहे ट्रकों की ओवरलोडिंग अलग-अलग है। छह चक्का में 15 टन, 10 चक्का में 25 टन, 12 चक्का में 31 टन और 20 चक्का में 40 से 45 टन तक बालू भरी जा रही है। उधर, डंपरों में भी जमकर ओवर लोड हो रहा है। 10 टायर वाले डंपर की लंबाई साढे़ 16 फीट, चौड़ाई पौने आठ फीट और ऊंचाई साढे़ पांच फीट होती है।

कभी-कभी होती है कार्रवाई-


जिला पुलिस और प्रशासन की ओर से समय-समय पर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। जिलाधिकारी एवं खनन विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई की जाती है। वहीं अंचलाधिकारी और थानाध्यक्षों द्वारा भी अवैध तरीके से खनन कर रहे बालू घाटो के रास्ते को काटकर ध्वस्त कर दिया जाता है। इसके बावजूद भी फिर से रास्ते को भरकर बालू माफियाओं द्वारा अवैध खनन किया जाता है। बालू माफियाओं पर नकेल कस पाना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

(हमीरपुर ब्यूरो अजय शिवहरे)

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