जिला पंचायत के बाबू ने मांगा महंगा मोबाइल, 5 हजार लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

@मध्यप्रदेश। कटनी जिले में रिश्वतखोरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां रिश्वतखोरी के मामले में निलंबित कर्मचारी से फाइल आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत में मोबाइल फोन मांगने वाले जिला पंचायत के एक बाबू को जबलपुर लोकायुक्त ने 5 हजार रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।

जबलपुर लोकायुक्त टीआई ब्रजमोहन नरवरिया के अनुसार वर्ष 2024 में लोकायुक्त कार्रवाई में ट्रैप हुए सह आरोपी आशीष कुमार दुबे निलंबित चल रहे थे और बहाली के लिए पिछले एक वर्ष से जिला पंचायत कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। आरोप है कि स्थापना शाखा में पदस्थ लेखापाल सतेंद्र सोनी ने बहाली में मदद करने के बदले 54 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन देने की मांग की।
शिकायत मिलने पर लोकायुक्त की पांच सदस्यीय टीम ने कार्रवाई करते हुए 500-500 रुपये के 10 केमिकल युक्त नोटों के साथ 5 हजार रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए आरोपी को पकड़ लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
शिकायतकर्ता आशीष दुबे ने बताया कि वर्ष 2023 में एक अन्य मामले में सह आरोपी होने के कारण वे निलंबित थे। हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के बाद 2025 में राहत संबंधी आदेश जारी हुए, लेकिन फाइल आगे बढ़ाने के लिए स्थापना शाखा के बाबू ने मोबाइल फोन की मांग की। अनुरोध करने पर किस्तों में भुगतान की बात तय हुई और पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये देते समय लोकायुक्त ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।




