पत्रकार शैलेश पाठक की सूझबूझ से टला बड़ा मामला: पेट्रोल से भरी बोतल और माचिस लेकर आत्महत्या करने के इरादे से खड़ी महिला को मिला न्याय

@कटनी शेरा मिश्रा। गुरुवार की शाम कटनी पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर एक अत्यंत संवेदनशील और हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ एक पीड़ित महिला हाथ में पेट्रोल से भरी बोतल और माचिस लेकर आत्महत्या करने के इरादे से खड़ी थी। इसी दौरान मौके से गुजर रहे वरिष्ठ पत्रकार शैलेश पाठक ने अद्भुत सूझबूझ, साहस और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए महिला से तत्काल संवाद स्थापित किया। पत्रकार शैलेश पाठक ने महिला को शांत कराया और बातचीत के दौरान उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीनकर दूर फेंक दी, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। उन्होंने महिला को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाते हुए तुरंत पुलिस अधिकारियों को सूचना दी।

सूचना मिलते ही सीएसपी नेहा पचासिया मौके पर पहुँचीं और पीड़िता की पूरी आपबीती गंभीरता से सुनी। महिला ने अपना नाम रुक्मिणी बाई यादव (48 वर्ष), निवासी ग्राम कुम्हरवारा, पुलिस चौकी बिलहरी बताया। पीड़िता ने बताया कि 14 नवंबर को कुछ लोगों द्वारा उसके खेत में ट्रैक्टर चलाकर गेहूं की फसल नष्ट की गई, मारपीट की गई और ट्रैक्टर चढ़ाने के प्रयास में उसका दाहिना हाथ फ्रैक्चर हो गया। इसके बावजूद पुलिस द्वारा गंभीर धाराओं में कार्रवाई न किए जाने से वह मानसिक रूप से टूट चुकी थी। सीएसपी नेहा पचासिया ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए बिलहरी पुलिस को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस पूरी घटना में वरिष्ठ पत्रकार शैलेश पाठक की तत्परता, निर्भीकता और संवेदनशील पत्रकारिता ने न केवल एक महिला की जान बचाई, बल्कि यह साबित किया कि पत्रकारिता आज भी समाज की सच्ची प्रहरी है। उनकी यह भूमिका समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और पत्रकारिता की गरिमा को ऊँचाई देती है। कटनी के पत्रकार जगत एवं नागरिक समाज ने शैलेश पाठक जी के इस साहसिक और मानवीय कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।

















