भोपाल

‘पचामा कैटल फीड सयंत्र’’ पहुंचा ‘‘सहकार से समृद्धि’’ कारवां, संदेश साझा करते हुए कहा, देश के विकास और गाँवों की प्रगति ही किसानों  कोे आर्थिक सशक्त बनाने का माध्यम है ‘‘सहकारिता’’

@भोपाल। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा संचालित “सहकार से समृद्धि” जन-जागरूकता कारवां अपनी यात्रा के क्रम में आणंद से मध्यप्रदेश राज्य के विभिन्न जिलों से होते हुए भोपाल सहकारी दुग्ध संघ अंतर्गत ‘‘पचामा कैटल फीड सयंत्र’’ पहुँचा।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान एनडीडीबी की टीम ने यह संदेश साझा किया कि देश के विकास और गाँवों की प्रगति से जुड़ी है, और सहकारिता किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। भोपाल सहकारी दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रीतेश जोशी ने एनडीडीबी की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे अभियानों से किसानों में सहकारिता के प्रति विश्वास और सहभागिता और अधिक सुदृढ़ होगी। इस अवसर पर संघ के माननीय बोर्ड सदस्य, एनडीडीबी के वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्रीय अमला एवं बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान उपस्थित रहे।

एनडीडीबी चेयरमेन ने दिखाई थी हरी झंडी-
भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा जारी अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (आईवाईसी) 2025 कैलेंडर के अंतर्गत, एनडीडीबी अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने आणंद गुजरात स्थित अपने कर्मचारियों की उपस्थिति में ‘‘सहकारी समृद्धि यात्रा’’ उत्सव कारवां को दिनांक 09 दिसंबर 2025 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

किसानों ने साझा किए अनुभव
इस अवसर पर दुग्ध उत्पादक किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सहकारी व्यवस्था के माध्यम से उन्हें उचित एवं स्थिर दुग्ध मूल्य, गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। किसानों ने विशेष रूप से ‘‘मायरा योजना’’ की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से क्षेत्रीय कर्मचारियों और दुग्ध उत्पादक परिवारों के बीच विश्वासपूर्ण और पारिवारिक संबंध विकसित हुए हैं। किसानों ने यह भी कहा कि सहकारी संस्थाएँ निजी कंपनियों से भिन्न हैं, क्योंकि यहाँ किसानों के हित और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। कार्यक्रम के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि पचामा कैटल फीड प्लांट से “सांची सुदाना” ब्रांड की गुणवत्तापूर्ण कैटल फीड किसानों को नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पशुपालन गतिविधियों को मजबूती मिल रही है।

कारवां का यह है उद्देश्य-
“सहकार से समृद्धि” कारवां का उद्देश्य सहकारिता के संदेश को राज्य के प्रत्येक गाँव तक पहुँचाना है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवार सहकारी आंदोलन से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम के अंत में भोपाल दुग्ध संघ ने एनडीडीबी की इस पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि यह अभियान सहकारी आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान करेगा और किसानों की समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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