भोपाल

गौ संरक्षण, प्राकृतिक खेती और जनस्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं: उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल

@भोपाल। रायसेन जिले के सम्राट अशोक सागर बांध (हलाली डैम) स्थित ब्रजमोहन रामकली गौ संरक्षण केंद्र में गौ गोपाल मंदिर, गौ स्तंभ स्थापना एवं भूमि पूजन कार्यक्रम के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक खेती से जुड़ा एक व्यापक सामाजिक आंदोलन है।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि गौ संरक्षण केंद्र के अंतर्गत प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण एवं परीक्षण केंद्र प्रारंभ किया गया है, जहां श्री श्री रविशंकर फाउंडेशन (आर्ट ऑफ लिविंग) के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा किसानों को नेचुरल फार्मिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लगभग चार एकड़ भूमि में मल्टी लेयर फार्मिंग, औषधीय पौधों एवं रबी फसलों की खेती प्रारंभ की गई है।

उन्होंने कहा कि गाय दूध देना बंद कर दे, तब भी वह अनुपयोगी नहीं होती। गोबर और गोमूत्र से जीवामृत, घन जीवामृत, गौ अमृत जैसे जैविक उत्पाद बनाकर रासायनिक कीटनाशकों का विकल्प तैयार किया जा सकता है, जिससे किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित किया जा सकेगा। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग के कारण बीपी, शुगर, कैंसर जैसी बीमारियाँ बढ़ रही हैं, जिस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

श्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत द्वारा प्राकृतिक खेती को दिए जा रहे प्रोत्साहन का उल्लेख करते हुए कहा कि गौ संरक्षण और प्राकृतिक खेती से आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ भविष्य मिलेगा।

उन्होंने बताया कि रीवा जिले में तीसरे बड़े गौवंश विहार की स्थापना की जा रही है, जहां लगभग 25 हजार गौवंशों के संरक्षण की योजना है। वर्तमान में रीवा क्षेत्र में 12 हजार से अधिक गौवंश संरक्षित हैं, जिन्हें प्राकृतिक खेती से जोड़कर आत्मनिर्भर मॉडल विकसित किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गौशालाओं के लिए प्रति गाय प्रतिदिन ₹40 की सहायता राशि का निर्णय ऐतिहासिक है, जिससे गौ सेवकों के मानदेय और गौवंश के पोषण की बेहतर व्यवस्था संभव हो सकेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की हजारों गौशालाओं को स्थायित्व मिलेगा।

उन्होंने कहा कि गौशालाएं केवल संस्थान नहीं, बल्कि यज्ञ के समान हैं, जिसमें दिया गया प्रत्येक योगदान आहुति के बराबर है। जब गौ माता प्रसन्न होती है, तब समाज और मानवता का कल्याण सुनिश्चित होता है।

कार्यक्रम के अंत में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आयोजकों, जनप्रतिनिधियों और समस्त गौ सेवकों को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई दी और गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

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