छतरपुर

आप सदा अपनी अंतरात्मा में संकल्प शक्ति, राष्ट्र भक्ति, मानव कल्याण तथा प्रेम भाव को जागृत रखें: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल

उपाधियां केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं बल्कि यह समाज, राष्ट्र और मानवता के प्रति आपकी भौतिक और नैतिक प्रतिबद्धता की घोषणा है- कुलगुरु, पंचम दीक्षांत समारोह में 19 शोधार्थियों को डॉक्टरेट की उपाधि एवं 46 प्रतिभागियों को स्वर्ण पदक से  हुआ आत्मीय सम्मान

@छतरपुर- आशुतोष द्विवेदी। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर का पंचम दीक्षांत समारोह पूरी भव्यता, दिव्यता और गरिमा के साथ राज्यपाल श्री मंगुभाई जी पटेल की अध्यक्षता में हर्षोल्लास से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वन राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार, सारस्वत अतिथि, प्रो खेम सिंह डेहरिया, अध्यक्ष, मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, भोपाल एवं विधायक श्रीमती ललिता यादव सारस्वत अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्री मंगुभाई जी पटेल ने कहा कि आप सदा अपनी अंतरात्मा में संकल्प शक्ति, राष्ट्र भक्ति, मानव कल्याण तथा प्रेम भाव को जागृत रखें क्योंकि संकल्प शक्ति से आप असंभव को संभव बनाएंगे। राष्ट्रभक्ति से अपने देश अपनी माटी और अपनी संस्कृति को समृद्ध करेंगे। मानव कल्याण से समाज में व्याप्त पीड़ा का हरण करेंगे और प्रेम भाव से सद्भाव को विस्तारित करेंगे। यह विश्वविद्यालय इस अंचल की बौद्धिक संपदा में लगातार वृद्धि कर रहा है। विद्यार्थी आज जो उपाधि को प्राप्त करें, उसके अनुरूप उयोगिता भी विकसित करें। साथ ही यह विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा पद्धति में लाने का प्रयास कर रहा है। हम तभी सफल होंगे जब धैर्य, सत्य ,सभ्यता और धर्म का आचरण करेंगे।

सारस्वत अतिथि प्रो खेम सिंह डहेरिया, अध्यक्ष, मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियम, भोपाल ने अपनी संबोधन में कहा कि इस बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ ने यह साबित कर दिखाया कि प्रतिभा संसाधनों के मोहताज नहीं होती, उसे केवल अवसर परिश्रम और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। विद्यार्थियों आप केवल नौकरी पाने का सपना मत देखिए नौकरी देने वाला बनने का सपना देखिए l
       
कुलगुरु प्रो. राकेश कुशवाह ने दीक्षांत प्रतिवेदन का वाचन करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना केवल शैक्षणिक संस्था के रूप में ही नहीं की गयी थी बल्कि इसे बुंदेलखंड क्षेत्र की ऐतिहासिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक आकांक्षाओं को सशक्त बनाने के लिए की गयी है। यह क्षण विश्वविद्यालय के शोधार्थी और विद्यार्थीयों के अनगिनत प्रयास, त्याग, अनुशासन और निरंतर साधना का उत्सव है। यह उत्सव आगामी समाज जीवन के लिए दायित्व की घोषणा भी है।

विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को इस वर्ष से शोध उपाधियां मिलनी प्रारंभ हुईं। नये पाठ्यक्रम प्रारंभ किये गये हैं और कुछ नये पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की योजना है। हमारी गौरवशाली परंपरा वसुधैव कुटुंबकं के भाव को विस्तारित करने में युवाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। हम भारतीय भावनाओं और प्रकृति के अनुरूप देश और समाज के विकास में करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। । इस अवसर पर  भाजपा जिला अध्यक्ष श्री चंद्रभान सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया, कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल, एसपी श्री अगम जैन, सहायक कलेक्टर श्री ओम नम: शिवाय अरजरिया इत्यादि गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
      
मुख्य अतिथि श्री दिलीप अहिरवार, राज्यमंत्री वन एवं पर्यावरण ने अपने संबोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति ने मध्य प्रदेश में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाया है। आज विद्यार्थियों के लिए बड़ा ही गौरव का दिन है कि उन्हें महामहिम राज्यपाल जी द्वारा उपाधि प्राप्त हो रही है l इस पल को वह अपने जीवन में स्वर्णिम पल के रूप में हमेशा याद रखेंगे l
  
मीडिया समिति सदस्य पूजा तिवारी एवं श्री नन्दकिशोर पटेल के अनुसार वसंत पंचमी के पावन पर्व पर आयोजित कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल जी सहित सभी अतिथियों ने ज्ञान की देवी मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर दीक्षांत समारोह का गरिमापूर्ण शुभारंभ किया। संगीत विभाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय के कुलगान की मधुर प्रस्तुति दी। राज्यपाल जी ने यूनिवर्सिटी के स्मारिका दीक्षावाणी का विमोचन किया।
     
दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों की उपाधियों तथा स्वर्ण पदक के वितरण के क्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल जी ने एमए हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास ,भूगोल, एम.एस- सी. भोतिक शास्त्र, रसायनशास्त्र, गणित, वनस्पतिशास्त्र, माइकोबायलॉजी, प्राणीशास्त्र, भूगर्भशास्त्र, बी.एस- सी,  बी.ए ,बी. लिब ,एलएलएम, एलएलबी, बीए- एलएलबी आर्नस, बीए- एलएलबी, एमकॉम व बीकॉम, एमएड और बीएड, एमएचएससी और बीएचएससी, पी-एच. डी. के कुल 278 छात्र-छात्राओं को उपाधि एवं इनमें से सर्वोच्च अंक पाने वाले 46 छात्र छात्राओं को स्वर्ण पदक तथा 19 विद्यार्थियों को डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की एवं उपाधिधारी एवं स्वर्ण पदक विजेताओं को शपथ दिलाई गई। संचालन डा. आरडी अहिरवार एवं डा. दुर्गावती सिंह ने किया। आभार प्रदर्शन कुलसचिव श्री यशवंत सिंह पटेल ने किया।
   
दीक्षांत समारोह के प्रारंभ में राज्यपाल जी ने कार्यपरिषद सदस्यों और विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्षों के साथ फोटो सेशन एवं शोभा यात्रा में भाग लिया एवं शैक्षणिक यात्रा में सहभागिता की।कार्यक्रम का समापन इस वर्ष भी जबलपुर से आए पुलिस बैंड के द्वारा मधुर धुन में प्रस्तुत राष्ट्रगान के साथ हुआ।
    
इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार, विधायकद्वय श्रीमती ललिता यादव एवं एनसीसी के कैडेट्स एवं एनएसएस के स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
   
आयोजन को सफल बनाने में दीक्षांत समन्वयक डॉ. ममता वाजपेई, डा ओपी अरजरिया,डा बीपी सिंह गौर, डॉ दुर्गावती सिंह, डॉ आरडी अहिरवार सहित समस्त समितियों के संयोजकों, सदस्यों विश्वविद्यालय के अधिकारियों तथा कर्मचारियों का अथक प्रयास रहा। इसके साथ ही जिला, पुलिस एवं नगरीय प्रशासन ने भी आयोजन में अपना भरपूर सहयोग दिया।

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