पत्रकार की पिटाई एवं फर्जी मामला दर्ज करने के मामले को लेकर पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट एवं एसपी ऑफिस का किया घेराव, हाईवे में लगाया जाम

एसपी ने पिपट थाने के प्रधान आरक्षक ज्ञान सिंह को किया निलंबित,थाना प्रभारी की विभागीय जांच एएसपी को सौंपी
@छतरपुर- आशुतोष द्विवेदी। पिछले कुछ दिनों से पत्रकार उत्पीडऩ की घटनाएं लगातार बढ रही है। पत्रकार राकेश रिछारिया पर सिविल लाईन थाने में मामला दर्ज होने के बाद पत्रकारों द्वारा एसपी को ज्ञापन दिया गया और ज्ञापन उपरांत एसपी ने जांच कराने का आश्वासन इस शर्त पर दिया कि आपके पास जो साक्ष्य के तौर पर बीडियो है वह उपलब्ध करा दें। अभी यह मामला पूरी तरह से निपटा भी नहीं था कि बिजावर के पत्रकार राकेश सिंह राय की पिपट शराब ठेके के सामने जमकर मारपीट कर दी गई और उल्टा राकेश सिंह राय पर मामला भी दर्ज कर दिया गया।

पत्रकार उत्पीडऩ की इस दूसरी घटना ने पत्रकार संगठनो में उबाल ला दिया। इस घटना को लेकर पत्रकार संगठन एकजुट हुए और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को दोपहर 12 बजे सभी पत्रकार साथी हाथों में तख्तिया लिए हुए पैदल कूच किया। सबसे पहले पत्रकार एसपी कार्यालय पहुंचे और वहाँ जमकर नारेबाजी करते हुए पिपट पुलिस की कार्यवाही की आलोचना की, लेकिन 15-20 मिनट तक जब पुलिस अधीक्षक ने अपने चैम्बर से बाहर निकलकर ज्ञापन नही लिया तो पत्रकार आग बबूला हो गए। और वहां से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। पत्रकार इस दौरान सांकेतिक अर्थी लिए हुए थे कलेक्ट्रेट पहुंचकर भी पत्रकारों ने नारेबाजी की।

इसी बीच कलेक्टर पार्थ जैसवाल को टी.एल मीटिंग में सूचना दी गई तो वह मीटिंग छोड़कर कलेक्ट्रेट आए और पत्रकारों का ज्ञापन लेकर उन्हें आश्वासन दिया कि आपकी मांगों का ज्ञापन ऊपर तक भेज दिया जाएगा। कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद पत्रकार पुन: बापिस एसपी कार्यालय आए और जैसे ही पत्रकारों को इस बात की जानकारी लगी कि शराब ठेकेदार एसपी को ज्ञापन देेने आए है यह सुनते ही कुछ पत्रकारों का आक्रोश आपे से बाहर हो गया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की जगह पत्रकारों को नेशनल हाइवे में कुछ समय के लिए जाम करना पड़ा।

भीषण दोपहर की गर्मी में भी पत्रकार सड़क पर डटे रहे बाद में पुलिस अधीक्षक अगम जैन अपने चेम्बर से बाहर आए और उन्होने पत्रकारों का ज्ञापन लेकर मौखिक रूप से घोषणा करते हुए कहा कि राकेश सिंह की पिटाई और मामला दर्ज करने के मामले मे पिपट थाने के प्रधान आरक्षक ज्ञान सिंह को निलंबित किया जाता है और थाना प्रभारी की विभागीय जांच कराने के निर्देश लिखित में एडिशनल एसपी को दिए। इस आश्वासन के बाद पत्रकारों ने अपना प्रदर्शन खत्म किया।

7 दिवस में एडीशनल एसपी करेंगे मामले की जांच –
पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने अपने पत्र क्रमांक-पुअ/छतरपुर/स्टेनोंं/सीधे/शिपु/10/2026 दिनांक 25.04.2026 द्वारा आदेश जारी कर इस पूरे मामले की जांच एडीशनल एसपी आदित्य पटले को सौंपी है। हालांकि यह आदेश सोमवार को ही सोशल मीडिया में बायरल हुआ है लेकिन आदेश जारी होने की तारीख 25 अप्रैल है।

आदेश में एसपी ने मुख्य रूप से थाना पिपट में घटना की सही तरीके से रिपोर्ट लेख नही करने मुख्य आरोंपियों के नाम हटाकर बीच बचाव करने बाले व्यक्ति को आरोपी बनाने एवं अन्य को अज्ञात दर्शाने संबंधी तथ्य लेख किए गए है। इस आदेश में एसपी ने निर्देश दिए है कि शिकायत पत्र में वर्णित तथ्यों के संबंध में विधिवत जांच कर तथ्ययात्मक जांच प्रतिवेदन सभी दस्तावेंजो के साथ 7 दिवस में एडीशनल एसपी से मांगा है।




