छतरपुर

समाज को शिक्षित बनाने एवं आगे बढ़ाने में शिक्षक की अहम भूमिका: इंदर सिंह परमार

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने किया विश्वद्यालय का भ्रमण

@छतरपुर-आशुतोष द्विवेदी। सोमवार को इंदर सिंह परमार, माननीय उच्च शिक्षा मंत्री, मध्य प्रदेश शासन ने महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान माननीय मंत्री जी के उद्बोधन का आयोजन किया गाय। माननीय मंत्री जी ने अपने सारगर्भित उद्बोधन के माध्यम से शिक्षा और शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

विश्वविद्यालय की मीडिया समिति के सदस्य डॉ आर डी अहिरवार ने बताया कि उद्बोधन के दौरान विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो राकेश सिंह कुशवाह, कुलसचिव श्री यशवंत सिंह पटेल, विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक विभागों के आचार्यगण, अधिकारी कर्मचारी, बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एच डी अहिरवार उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। तत्पश्चात कुलगुरु डॉ राकेश सिंह के द्वारा माननीय मंत्री जी का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं फलों की टोकरी से स्वागत किया गया।

श्री इंदर सिंह परमार जी ने अपने उद्बोधन में मानव जीवन एवं समाज को आगे बढ़ाने में शिक्षा एवं शिक्षकों की भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक अहम कदम है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों का चहुमुखी विकास संभव है। यह नीति रटने की कला पर आधारित परम्परागत शिक्षा प्रणाली से भिन्न है, क्योंकि यह विद्यार्थी को सोचने समझने एवं विचार करने के लिए प्रेरित कर सीखने पर जोर देती है। इस नीति के तहत निर्धारित किए गए लक्ष्यों को पूरा करने में शिक्षकों की अहम भूमिका है, क्योंकि शिक्षक ही विद्यार्थियों को सही मायने में दिशा दिखाते हैं एवं विद्यार्थियों में सृजनात्मकता का विकास करते हैं।

आपने उद्बोधन में कहा कि 2047 तक भारत एक विकसित देश होगा क्योंकि हमारा इतिहास और संस्कृति दोनों ही ज्ञान परम्परा के धरोहर हैं जिनको हम आज पुनः अपने जीवन में भारतीय ज्ञान परम्परा के माध्यम से आत्मसात कर रहे हैं। वसुधैव कुटुंबकम् की भावना को रेखांकित करते हुए आपने कहा कि भारत देश ही विश्व में शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा। आपने बताया कि भारत देश आर्थिक, राजनैतिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में तीव्रता से विकास कर रहा है और अब वह दिन दूर नहीं है, जब हम विश्व गुरु कहलाएंगे।

उद्बोधन के अंत में कुलगुरु महोदय ने माननीय मंत्री जी को स्मृति चिन्ह भेंट किया एवं कुलसचिव श्री यशवंत सिंह पटेल ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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