4 मौतों के बाद जागा प्रशासन: खजुराहों के गौतम होटल का लाईसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड

@खजुराहो। जिले के खजुराहो गौतम होटल के कर्मचारियों का होटल में खाना खाने के बाद स्वास्थ्य विगडऩे और चार कर्मचारियों की दुखद मौत होने के मामले में कलेक्टर के निर्देशन मे सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता ने होटल का लाईसेंस सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता ने बताया कि कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में होटल का लाइसेंस (L.N.20250829107678535/11425055000006) तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।

वहीं कलेक्टर के निर्देशन में अपर कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी बेद प्रकाश चौबे को कारण बताओं नोटिस जारी किया है, और उनसे 15 दिसम्बर 2025 को शाम 4 बजे तक स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बेद प्रकाश चौबे पर आरोप है कि बीआईपी मूवमेन्ट होने के बावजूद उनके द्वारा खाद्य पदार्थो की सेम्पलिंग की कार्यवाही में लापरवाही बरती गई। जबकि खजुराहो में उस दौरान बीआईपी अधिकारियो का भ्रमण था और पूरे मंत्रीमण्डल की बैठक थी। लेकिन उसी दौरान गौतम होटल के कर्मचारियों की खाना खाने से हालत खराब हुई और उन्हें तत्काल ग्वालियर रेफर किया गया।
जिनमें से 3 कर्मचारियों की मौत उसी समय हो गई थी। और एक कर्मचारी की मौत अब होने पर प्रशासन ने सख्त रूख अपनाया है। हालांकि इस घटना को लेकर मृतकों के परिजनों ने खजुराहों में 2 दिन तक चक्काजाम व प्रदर्शन किया था। इस दौरान अपर कलेक्टर ने अपनी मां की कसम रखवाते हुए चक्काजाम करने बालों को चक्काजाम समाप्त करने और दोषियों पर कार्यवाही का आश्वासन दिया था।
कलेक्टर के निर्देश पर गौतम होटल के मृतक कर्मचारी हार्दिक सोनी पिता प्रभात सोनी निवासी बार्ड क्रं. 12 राजनगर की ग्वालियर में ईलाज के दौरान दुखद मौत होने पर मृतक के परिजनों को रेडक्रास सोसायटी से 20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता राशि तुरंत स्वीकृत कराई गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सहायता कोष से अतिरिक्त अनुदान राशि प्रदान किए जाने हेतु प्रकरण शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए है, ताकि पीडि़त परिवार को हर संभव सहयोग मिल सके। प्रशासन इस तरह की संवेदन शील घटनाओं के लिए हर संभव मदद करने को तैयार है।
बसूली में रहते मस्त, खाना पूर्ति के लिए लिए जाते सैम्पल-
हालांकि खाद्य सुरक्षा अधिकारी बेद प्रकाश चौबे को इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी करके प्रशासन ने खानापूर्ति करने का प्रयास किया है। जबकि खाद्य सुरक्षा अधिकारी बेद प्रकाश चौबे के विरूद्व कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए थी क्योंकि वह अपने दायित्वों का निर्वाहन सही ढंग से नही कर रहें है। खाद्य चीजों के मामले में बह बसूली में मस्त रहते है। और कभी सैम्पलिंग की कार्यवाही नही करतें है अभी तक का सरकारी रिकार्ड देखा जाए तो खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा जो सैम्पल लेकर भेजे गए है उनमें से अधिकांश सैम्पल सही पाए जाते है। जिसमें कही न कहीं उनकी मिलीभगत होने के आरोप लगते रहते है।

















