खबर का दिखा असर: जर्जर महानदी पुल पर हुई मरम्मत, अधिवक्ता नूर मोहम्मद सिद्धकी की मांग पर हरकत में आया प्रशासन

@कटनी शेरा मिश्रा। विजयराघवगढ़ बरही मार्ग पर स्थित महानदी पुल की जर्जर स्थिति को लेकर उठाई गई आवाज़ अब रंग लाई है। अधिवक्ता नूर मोहम्मद सिद्धकी द्वारा पुल की बदहाल हालत को लेकर की गई शिकायत और मीडिया में मुद्दा सामने आने के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया और पुल पर बने जानलेवा गड्ढों की मरम्मत कराई गई। गौरतलब है कि लंबे समय से यह पुल बदहाली का शिकार था। पुल पर बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से आवागमन करने वाले राहगीरों दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों की जान जोखिम में थी।

इस गंभीर स्थिति को कल अधिवक्ता नूर मोहम्मद सिद्धकी ने अधिकारियों एवं पत्रकारों के समक्ष उजागर किया था।प्रशासन की नींद टूटी तुरंत शुरू हुआ सुधार कार्य। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने बिना देरी किए पुल पर मरम्मत कार्य शुरू कराया। गड्ढों को भरने और सड़क को समतल करने का कार्य किया गया जिससे अब मार्ग से गुजरने वाले लोगों को राहत मिली है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है।
अधिवक्ता नूर मोहम्मद सिद्धकी ने जताया संतोष, पर स्थायी समाधान की मांग बरकरार
अधिवक्ता नूर मोहम्मद सिद्धकी ने कहा कि यह राहत की बात है कि प्रशासन ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मरम्मत कराई लेकिन यह केवल अस्थायी समाधान है। भविष्य में किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए पुल का स्थायी सुधार और मजबूतीकरण जरूरी है।
जनहित में पत्रकारिता की भूमिका सराही गई
इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह एक बार फिर साबित हुआ कि सशक्त जनहित मुद्दों को उठाने वाली पत्रकारिता का असर होता है। खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन की सक्रियता दिखी जिससे संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सका। पुल की मरम्मत के बाद स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने अधिवक्ता नूर मोहम्मद सिद्धकी एवं मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते यह मुद्दा नहीं उठाया जाता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। खबर का असर और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई यह संदेश देती है कि जनहित के मुद्दों पर आवाज़ उठाना और उसे मजबूती से रखना बेहद जरूरी है।
शेरा मिश्रा पत्रकार विजयराघवगढ़ कटनी

















