घासीराम न पार्टी के सगे हुए, न समाज के ,ये समाज के नाम पर छलने का काम करते है: अरविंद पटेरिया

छतरपुर। जिले की राजनगर विधानसभा क्षेत्र में टिकट न मिलने पर भाजपा का पाला छोड़कर बसपा से चुनाव लड़ रहे दलबदलू घासीराम पटेल पर यूं तो पहले भी तमाम तरह के आरोप लगते रहे हैं ,लेकिन अब भाजपा के राजनगर प्रत्याशी अरविंद पटेरिया ने घासीराम पटेल पर आरोप लगाते हुए कहा है कि घासी न ही समाज के सगे हैं और ना ही पार्टी के सगे हुए ,उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ अपने निजी स्वार्थ के लिए अपनी जाति और समाज को छलने का काम करते हैं,टिकट नही मिली तो पार्टी के साथ गद्दारी की ,वहीं समाज और जाति के इतने ही सगे थे तो जब इनकी जाति के बबलू पटेल चुनाव लड़ रहे थे, तो उसी का साथ दे देते ,भाजपा से टिकट मिली होती तो और बात थी। लेकिन जाति के नाम पर छलने वाले इस नेता ने अपने निजी स्वार्थ के लिए भाजपा छोड़कर हांथी की सवारी कर ली।
यह पहला मौका नही जब घासीराम पर पार्टी के साथ गद्दारी की हो पहले भी सीधी साधी छवि के दिखने वाले इस दलबदलू नेता ने अपनी जमीन तैयार करने के लिए लगभग हर विधानसभा चुनाव में पार्टी के साथ भितरघात किया था,2013 के चुनाव में हार के बाद भाजपा के प्रत्याशी रहे रामकृष्ण कुष्मरिया ने भी अपनी हार के लिए जिम्मेदार नेताओं की फेहरिस्त में घासीराम का नाम सबसे पहले बताया था, मतलब साफ है , अपनी राजनीतिक जमीन चमकाने के लिए यह नेता न ही कल पार्टी और समाज का सागा था तो आज हाथी की सवारी करने के बाद कहां से यह अपनी जाति के सगे होंगे।

















