जिला संयोजक श्रीमती डॉ प्रियंका राय के विरुद्ध जल्द आदिमजाति कल्याण विभाग के सामने तम्बू लगाकर निलंबन की पीड़ित करेंगे मांग
खुलकर जिला संयोजक के विरोध में उतरे पीड़ित अधीक्षक

छतरपुर। आदिमजाति जिला संयोजक श्रीमती डॉ प्रियंका राय के विरुद्ध खुलकर सामने आए पीड़ित अधीक्षकों नें जिला संयोजक प्रियंका राय एवं उनके दो अधीक्षकों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को लेकर आमने- सामने की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया हैं। अब पीड़ित अधीक्षकों नें जिला संयोजक प्रियंका राय एवं दोनों अधीक्षकों अरुण सक्सेना एवं अनिल चौरसिया कों निलंबित कर डॉ प्रियंका राय के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की जांच संभागीय कमिश्नर कार्यालय से करवाने की बात कहीं हैं। पीड़ित अधीक्षकों नें कहां हैं की हम सभी जिला संयोजक डॉ श्रीमती राय एवं अधीक्षक अरुण सक्सेना व अनिल चौरसिया कों निलंबित कर जांच के लिए आदिमजाति कल्याण विभाग के सामने जल्द तम्बू गाड़कर आंदोलन करेंगे और जबतक हमें न्याय नहीं मिलता यह आंदोलन जारी रहेगा।
आपको बता दे की भ्रष्टाचार की शिकायत मीडिया के माध्यम मिलने के तत्काल बाद कमिश्नर सागर डॉ वीरेंद्र सिंह रावत ने जिला संयोजक आदिम जाति विभाग छतरपुर डॉ. प्रियंका राय के विरुद्ध जांच करने के आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने जांच के लिए डिप्टी कलेक्टर जी.एस. पटेल को नियुक्त किया है। उल्लेखनीय है कि डॉ० प्रियंका राय जिला संयोजक के द्वारा कर्मचारियों से अवैध राशि की मांग अपने चहेते अधीक्षक अरुण सक्सेना एवं अनिल चौरसिया से करवाने एवं प्रताड़ित करने के संबंध में समस्त छात्रावास आश्रम अधीक्षक द्वारा कमिश्नर सागर को शिकायत की गई थी।
जिसके पालन में डिप्टी कलेक्टर जी एस पटेल नें जांच भी प्रारम्भ कर दी हैं और सोमबार कों पीड़ित अधीक्षकों कथन दर्ज किए आएंगे। वहीं सूत्रों नें बताया हैं की उक्त शिकायत की जांच 3 दिवस में पूर्ण कर प्रतिवेदन सागर कमिश्नर कों भेजा जाना हैं। अब देखना होगा की पीड़ित अधीक्षकों कों न्याय मिलता हैं या जिला संयोजक श्रीमती डॉ प्रियंका राय और उनके चहेते अधीक्षकों कों अभय बरदान।
















