कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते: प्रभारी संकुल प्राचार्य

पीएम श्री विद्यालय दरगुआ में मरम्मत के नाम पर लाखों का घोटाला!
बकस्वाहा। पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दरगुआ में स्कूल बिल्डिंग की मरम्मत और निर्माण कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के भारी भ्रष्टाचार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत बिलों और वास्तविक कार्यों में जमीन–आसमान का अंतर दिखाई दे रहा है।

वही सूत्रों के अनुसार, ढाई इंच का साधारण लेंटर, जिसकी बाज़ार कीमत मुश्किल से ₹1,0000 से ₹1,5000 होती है, उसे ₹1,00,000 का दिखाया गया है। यही नहीं, विद्यालय में कराए गए छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों को ₹7 लाख से अधिक का दर्शा दिया गया है। मौके पर निरीक्षण करने वाले लोगों ने बताया कि “बिलों में दिखाया गया पैसा कहीं भी जमीन पर दिखाई नहीं देता।”
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीएम श्री जैसी महत्वपूर्ण योजना में इस तरह की गड़बड़ी न केवल सरकारी धन की खुली लूट है, बल्कि बच्चों की शिक्षा के साथ किया गया अपराध है। ग्रामीणों में भारी रोष है और लोग दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। वही प्रभारी संकुल प्राचार्य श्रीमती प्रार्थना अहिरवार खुलकर यह कह रही हैं की जिले के ईमानदार कलेक्टर पार्थ जायसवाल और जिला शिक्षा अधिकारी अरुण शंकर पाण्डेय मेरा कुछ नहीं विगाड़ सकते हैं जिसको जो करना हैं कर ले जिससे जिले के इन ईमानदार अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं की कही इस भृष्टाचार से इनका तो कोई लेना देना तो नहीं जिससे यह जांच प्रभावित हो रही हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी से जाँच की औपचारिक माँग ग्रामीणों और विद्यालय से जुड़े जागरूक नागरिकों ने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि—
- विद्यालय में हुए मरम्मत और निर्माण कार्यों की तकनीकी तथा वित्तीय जाँच करवाई जाए।
- सभी बिल, रजिस्टर, माप पुस्तिका (MB), फोटोग्राफ तथा भुगतान की प्रक्रिया की जाँच की जाए।
- गंभीर आर्थिक अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कठोर कार्यवाही की जाए।
- जाँच रिपोर्ट को पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक किया जाए।

















