खेती मजबूत होगी तो फ्रूट प्रोसेसिंग भी मजबूत होगी: संयुक्त सचिव

बड़ा नही बल्कि छोटा उद्योग भी एसआरएलएम योजना से शुरू कर सकते हैं, स्थानीय प्रोडक्ट की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए टेªनिंग कराने के निर्देश
@छतरपुर ज.सं। देवेस देवल संयुक्त सचिव खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय भारत सरकार ने कलेक्टर पार्थ जैसवाल के साथ बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, सहायक कलेक्टर आशीष पाटिल, सहायक संचालक उद्यानिकी एस.पी. अहिरवार, डीपीएम एसआरएलएम श्याम गौतम सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

संयुक्त सचिव श्री देवल ने यूनिट्स भ्रमण के बारे में प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश अग्रणी राज्यों में से एक है। यहां खेती मजबूत होगी तो फ्रूट प्रोसेसिंग भी मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि न सिर्फ बड़ा उद्योग बल्कि छोटा उद्योग या काम भी एसआरएलएम योजना से शुरू कर सकते हैं।
डीपीएम एसआरएलएम श्याम गौतम ने जानकारी दी कि जिले में 500 किसानों के साथ क्लस्टर डेवलोपमेन्ट प्रोग्राम के माध्यम से 500 एकड़ में टमाटर क्लस्टर बनाया गया है। 8.66 करोड़ के उक्त प्रोग्राम में प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग आदि कंपोनेंट लिये गए हैं। उक्त प्रोग्राम में 50 प्रतिशत ग्रांट की डिमांड चाही गयी है। श्री देवल ने प्रोजेक्ट के लिये पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया गया।

संयुक्त सचिव ने कहा जो आवेदन बैंक में रुक जाते हैं बैंक उसमें अग्रज की तरह भूमिका निभाएं और आवेदनों को गंभीरता से लेकर जिला रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) से बात करें। इसके लिए डीआरपी की अधिक जिम्मेदारी है जो योजना को जनता से कनेक्ट करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जो डीआरपी काम नहीं कर रहे हैं उनको भी बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अपने स्तर से योजना को और अच्छा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं जो भी स्थानीय प्रोडक्ट हैं उनकी ब्रांडिंग मार्केटिंग पर और प्रयास किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग बहुत महत्वपूर्ण है इसके लिए स्टेट लेवल पर बात कर आवेदकों को ट्रेनिंग कराएं। जिससे बैंकों में फॉर्म भरने आदि की परेशानियों से बच सकें।

















