शिक्षा का मंदिर बना रील बनाने का अड्डा: महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्रा नें रील बनाकर सोशल मीडिया पर की अपलोड, जमकर हो रही बायरल

@छतरपुर-आशुतोष द्विवेदी। छतरपुर जिले के बड़ामलहरा स्थित शासकीय महाविद्यालय में कक्षाओं के भीतर सोशल मीडिया रील बनाने का मामला सामने आने के बाद महाविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य अंकुर तिवारी ने संबंधित छात्राओं को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

प्राचार्य ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य शिक्षा प्रदान करना है, न कि सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करना। कक्षाओं के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करता है और यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। श्री तिवारी नें बताया कि कॉलेज परिसर में मोबाइल उपयोग को लेकर अब सख्त दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। यदि कोई भी छात्र या छात्रा कक्षा के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, साथ ही मोबाइल फोन भी जप्त किया जाएगा।
वहीं महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कदम छात्रों में अनुशासन स्थापित करने और पढ़ाई का माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई के बाद कॉलेज परिसर में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। वहीं दूसरी ओर, लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया के मौजूदा दौर में रील बनाने का चलन खासकर युवाओं में तेजी से बढ़ा है, लेकिन शिक्षा संस्थानों में इसकी एक सीमा तय होना जरूरी है। शिक्षा की गरिमा बनाए रखने की दिशा में महाविद्यालय प्रशासन का यह कदम अहम माना जा रहा है।

















