जिले के 78 चयनित विद्यालयों में आयोजित किया गया एफ.एल.एन सर्वे

छतरपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की गाईडलाइन अनुसार बच्चों की बौद्धिक समझ और बुनियादी संख्या ज्ञान का परखने के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देशानुसार जिले के चयनित 80 विद्यालयों में से 78 विद्यालयों में एफएलएन वार्षिक सर्वे का आयोजन किया गया।

डीपीसी अरुण शंकर पाण्डेय ने बताया कि कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को परखने के लिए कक्षा 3 एवं 4 में अध्ययनरत चयनित विद्यालयों के 1707 छात्रों का सर्वे किया गया। जिसमें 318 फील्ड इन्वेस्टीगेटर्स की प्रशिक्षित टीम ने दो दिवस में सर्वे कार्य पूर्ण किया। सर्वे के दौरान डाईट प्राचार्य आर.के. वर्मा एपीसी अकादमिक नीरज खरे सहित जिले भर के बीआरसीसी, बीएसी एवं सीएसी ने इस सर्वे की मॉनीटरिंग कर डाटा संग्रहित करवाया।
जिले के 80 चिन्हित विद्यालयों के वर्तमान में कक्षा 3 में पढ़ने वाले 822 व 4 में अध्ययनरत 885 बच्चों सहित कुल 1707 बच्चों का सत्र 2024-25 का सर्वे दो चरणों में किया गया। प्रथम दिवस कक्षा 3 में अध्ययनरत बच्चों का सर्वे किया गया एवं द्वितीय दिवस कक्षा 4 में अध्ययनरत बच्चों का सर्वे किया गया। सर्वे के दौरान इन बच्चों में भाषा, गणित एवं अंग्रेजी की मूलभूत समझ को परखा गया। सर्वे के नतीजों के आधार पर भविष्य में जिले में शिक्षा एवं शिक्षण की बेहतरी के लिए नए प्रयास किए जाएंगे।
एनसीईआरटी के टूल्स से सर्वे-
जिले के चिन्हित 80 स्कूलों में से 78 स्कूलों में सर्वे के लिए एनसीईआरटी द्वारा जारी गाईडलाइन और टूल्स का उपयोग किया गया। जिनके माध्यम से बच्चों की हिन्दी, गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों की बुनियादी दक्षता को परखा गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 रटंत पद्धति के स्थान पर प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चों में चिंतन और समझ को विकसित करने का मार्गदर्शन करती है, क्योंकि बाल्यावस्था के शुरुआती 10 साल समझ विकास की मजबूती के लिए बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

















