छतरपुर

तोरण द्वार गिरने की घटना के बाद कलेक्टर ने सीएमओ आर.एस. अवस्थी एवं उपयंत्री गगन सूर्यवंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया, ठेकेदार प्रो. रमेश विश्वकर्मा के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने तहसीलदार को दिए निर्देश

@छतरपुर-आशुतोष द्विवेदी। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने नौगांव में निर्माणाधीन द्वार गिरने की घटना पर त्वरित संज्ञान लेकर जांच दल गठित किया था। जांच दल द्वारा जांच उपरांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिसमें कलेक्टर श्री जैसवाल ने सीएमओ आर.एस. अवस्थी (मूल पद राजस्व निरीक्षक) एवं गगन सूर्यवंशी उपयंत्री को उक्त घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए एवं पर्याप्त नियंत्रण न होने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

संबंधित का यह कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 (1)(2)(3) के तहत कदाचरण की श्रेणी में आता है। निलंबनकाल में दोनों संबंधितों का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय रहेगा। इन्हें मूलभूत नियम 53 बी के तहत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसके अलावा कलेक्टर ने संयुक्त दल अनुभाग नौगांव द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन अनुसार ठेकेदार प्रो. रमेश विश्वकर्मा तनय नाथूराम विश्वकर्मा निवासी वार्ड नं. 14 नौगांव के विरूद्ध थाना नौगांव में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहसीलदार रमेश कौल को अधिकृत किया है।

आदेश में यह भी बताया गया कि निर्माणाधीन स्वागत द्वार के धराशायी होने की घटना के प्रथम दृष्टया साईट इलेक्ट्रीकल इंजीनियर द्वारा सिविल वर्क कराया जाना पाया गया है, जो उक्त कार्य क्षमता अथवा विशेषज्ञ नहीं है साथ ही घटना के दौरान मौके पर अनुपस्थित रहे। ठेकेदार द्वारा पूर्ण सावधानी तथा सुरक्षा उपायों के बिना 7 मीटर की ऊचाई पर मजदूरों से कार्य कराकर मजदूरों की जान जोखिम डाली गई है, जिसकी परिणिति एक मजदूर राममिलन पिता गोरेलाल बुनकर उम्र 25 वर्ष लगभग करारागंज की मौके पर मलबे में दबने से दुखद मृत्यु हुई है, तथा अन्य 02 मजदूर गंभीर रूप से घायल ईलाजरत हैं।

उल्लेखनीय है कि विगत शुक्रवार को नौगांव स्थित धौर्रा मन्दिर के समीप निर्माणाधीन तोरण द्वार का काम चल रहा था। जिसके गिरने से 4 मजदूर दब गए थे। जिसमें से एक मजदूर राममिलन पिता गोरेलाल बुनकर निवासी करारागंज की मृत्यु हो गई है और तीन घायल भानु कुशवाहा, धर्मेंद्र अहिरवार नौगांव में उपचाररत हैं और संतु अहिरवार जिला अस्पताल में रैफर किया गया था। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने संवदेनशीलता दिखाते हुए तत्काल रूप से मृतक के परिवार को 20 हजार रुपए की रेडक्रॉस सोसायटी से आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है और घायलों को 5-5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की थी। साथ ही उक्त निर्माणाधीन तोरण द्वार के धराशाई होने, गुणवत्ता एवं निर्माण एजेंसी के संबंध में जांच दल का गठन किया था।

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