जयगुरुदेव सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज का नव वर्ष का संदेश खजुराहो रेलवे स्टेशन के सामने, मुक्ति मोक्ष का रास्ता सतसंग व नामदान कार्यक्रम में आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं

@खजुराहो-अशोक नामदेव। विश्व प्रसिद्ध बाबा जयगुरुदेव जी के त्रयोदशी मासिक भंडारे के अवसर पर खजुराहो में परम पूज्य परम संत बाबा उमाकांत जी महाराज ने बताया कि भंडारा पहले साल में एक बार मनाया जाता था गुरु की दया से l कोरोना बीमारी आने के बाद जब लोगों को भोजन नहीं मिल रहा था तो भूखे असहाय, लोगों को भोजन कराने के लिए हर महीने भंडारा चलाया जाने लगा तब से लोगों की मांग पर ही देश में ही नहीं विदेशों में भी हर महीने त्रयोदशी का भंडारा हो रहा है।

दान उसको ही नहीं कहते हैं जैसे कोई दरवाजे पर आ गया और आपने कुछ उसको दे दिया । दान उसको भी कहते हैं जैसे किसी अच्छे काम की व्यवस्था करवाने में अपने अपना समय व्यापार दुकान नौकरी से समय और धन बचाकर सहयोग कर दिया वह भी दान है। उन्होंने संतों के महिमा के बारे में बताया संतों ने जो जीवों पर उपकार किया है उसका बदला चुकाया नहीं जा सकता। पहले के संतों ने जितने लोगों ने आंख नहीं खोली उससे कहीं ज्यादा गुरु महाराज जी ने लोगों के तीसरी आंख खोली है।

सभी जाति-मजहब के मानने वालों से विनती
पूज्य बाबाजी का दर्शन करने, सतसंग सुनने और बताए रास्ते पर चलने से देश-विदेश के बहुत से लोगों को फायदा हुआ है। अनमोल दौलत देने के लिए बाबाजी आप लोगों के लिए ही खजुराहो में आ रहे हैं। अतः आप सभी जाति-मजहब के मानने वालों से विनती है कि इस निःशुल्क और अराजनीतिक कार्यक्रम में परिवार व इष्ट मित्रों सहित समय निकाल कर दर्शन, सतसंग का लाभ ले लीजिए। पता नहीं जीवन में ऐसा अवसर मिले ना मिले। 17 जनवरी 2026 दोपहर 2 बजे से एवं 18 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे से। खजुराहो रेलवे स्टेशन के सामने, बमीठा- खजुराहो रोड, कान्हा पैलेस के पास, जिला छतरपुर (म.प्र)
अशोक नामदेव बमीठा खजुराहो

















