मध्यप्रदेशशहडोल संभागसिंगरौली

विशेष जागरुकता अभियान स्वयंसिद्धा, प्रशिक्षण देने अलग-अलग स्थानो में पहुंच रही टीम

जागरुकता अभियान स्वयंसिद्धा, 360 छात्राओं को आत्म रक्षा के लिए किया गया प्रशिक्षित

सिंगरौली। पुलिस मुख्यालय की मंशानुसार पुलिस अधीक्षक सिंगरौली श्रीमती निवेदिता गुप्ता के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय धोरहवा, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिरगुड़ी, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कतरिहार एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिधार में आत्मरक्षार्थ प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वयंसिद्धा आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ मॉ सरस्वती जी का पूजन अर्चन एवं पुष्प अर्पण कर की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस स्टाफ सहित प्रधानाध्यापक श्री दादू लाल सिंह, प्रधानाध्यापक श्री के पी प्रजापति, प्रधानाध्यापक श्री राम सिंह, प्रधानाध्यापक श्री सोम शाह सिंह एवं सेल्फ डिफेंस टेक्निकल डायरेक्टर गणेश सिंह, खुशबू साकेत, अर्पिता विश्वास अपनी टीम सहित उपस्थित रहे। विद्यालययों में उपस्थित लगभग 360 छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया गया एवं नई-नई टेक्निक्स सिखाई गई।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण अंतर्गत बालिकाओं एवं महिलाओं के साथ नित्य प्रतिदिन हिंसा, छेड़छाड़, लूटपाट, दुष्कर्म आदि की अनेकानेक घटनाएं घटित होने की संभावना होने से आत्मरक्षार्थ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर जूडो, कराटे, मार्शल आर्ट्स इत्यादि का प्रशिक्षण दिया गया।

आत्मरक्षा की कुछ तकनीकें याद रखें:-
हथेली पर प्रहार-
हथेली पर प्रहार में हमलावर की नाक या ठोड़ी पर अपनी हथेली की एड़ी से प्रहार किया जाता है, जिससे दर्द होता है
घुटने से प्रहार-
घुटने से प्रहार में हमलावर की कमर या पेट पर प्रहार करने के लिए अपना घुटना उठाना शामिल है, जिससे काफी दर्द हो सकता है और हमलावर की शक्ति समाप्त हो सकती है।
कोहनी से प्रहार –
कोहनी से प्रहार में हमलावर के चेहरे या कॉलरबोन पर अपनी कोहनी से प्रहार करना शामिल है, जिससे चोट लग सकती है और हमलावर को मारने का अवसर मिल सकता है।
फ्रंट किक
फ्रंट किक में हमलावर के पेट या कमर पर अपने पैर की गेंद से लात मारी जाती है, जिससे दर्द हो सकता है और आपके और हमलावर के बीच दूरी पैदा हो सकती है।
आँख निकालना
आँख निकालना में हमलावर की आँखों में अपनी उँगलियों से प्रहार या घूँसा मारना शामिल है, जिससे दर्द और अस्थायी अंधापन हो सकता है, जिससे आपको बचने का समय मिल जाता है।
बचने के लिए पकड़-
सामान्य पकड़ से बचने के तरीके, जैसे कलाई पकड़ना, बाल पकड़ना, या भालू की तरह गले लगाना, भी सुरक्षा में प्रभावी हो सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button