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परिवार की जमीन चुपके से बेची, विरोध हुआ तो दी चेक, हो गई बाउंस

बेईमानी की नियत से काटने पड़ेंगे अदालत के चक्कर

छतरपुर। एक पारिवारिक जमीन में बिना बंटवारा और तरमीम के एक भाई ने दूसरे भाई के हिस्से की भी जमीन बेच ली। जब मामला सामने आया तो जमीन बेचने वाले भाई ने विषय को शांत करने के उद्देश्य से 12 लाख की दो चेकें दे दीं। हालांकि चेकें भी बाउंस हो रही हैं। बाउंस चेक होने के कारण अब दूसरे पक्ष को कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे।

जानकारी के मुताबिक शहर के कोतवाली थाना अंतर्गत बड़ी कुंजरेहटी में रहने वाले कृष्ण कुमार विश्वकर्मा उर्फ राजू ने गुपचुप तरीके से बिना तरमीम एवं बंटवारा के अपने भाई लखनलाल विश्वकर्मा के हिस्से की भी जमीन बेच दी। जब लखनलाल विश्वकर्मा को इस संबंध में जानकारी लगी तो उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई। आपत्ति सामने आने पर कृष्ण कुमार विश्वकर्मा पत्नि वंदना विश्वकर्मा (महर्षि स्कूल में टीचर) ने 6-6 लाख रूपए की दो चेकें लखनलाल विश्वकर्मा को दे दीं।

साथ ही शपथ पत्र के माध्यम से उल्लेख किया था कि उपरोक्त राशि अदा नहीं करते हैं तो विश्वनाथ कॉलोनी का मकान बेचकर राशि वसूल करने के अधिकार होंगे। जैसे ही श्री विश्वकर्मा ने 31 जुलाई 2024 दिनांक वाली चेक को बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गई। चेक बाउंस होने से कृष्ण कुमार विश्वकर्मा की नियत का भी पता चलता है। वह अपने भाई को न तो जमीन देना चाहता है और न ही जमीन के बदले पैसे। हालांकि चेक बाउंस होने पर कानूनी प्रावधानों से कृष्ण कुमार विश्वकर्मा को गुजरना पड़ेगा।

लखनलाल विश्वकर्मा ने बताया कि जान-बूझकर उसके भाई ने जमीन बेची है और उन्हें पैसे न देने के उद्देश्य से ऐसे खाते की चेकें दीं जिसमें पैसे ही नहीं है। ध्यान देने वाली बात यह है कि बेईमानी की नियत रखने वाले कृष्ण कुमार ने एक गलती जरूर कर दी है जो चेकें बाउंस हो रही हैं। सूत्र बताते हैं कि चेकों के बाउंस होने से लेकर अन्य कानूनी पहलुओं के बारे में वह पहले से ही अवगत हैं, शायद यही वजह है कि वह अपने भाई के साथ खेल खेल रहा है।

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