ब्रेकिंग न्यूज: सरकारी शिक्षक ने स्कूल में फांसी लगाकर की आत्महत्या

बीएलओ के काम से था परेशान शिक्षा जगत में शोक की लहर
दतिया। जिले के भांडेर जनपद के अंतर्गत आने वाले सालोन बी गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। विद्यालय में पदस्थ शिक्षक उदयभान सिहारे (50 वर्ष), पिता लक्ष्मीनारायण सिहारे ने स्कूल परिसर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और शिक्षा जगत में गहरा शोक व्याप्त हो गया। घटना स्थल पर मचा हड़कंप, ग्रामीणों की उमड़ी भीड़, मंगलवार की सुबह जब विद्यालय खुला तो सब कुछ सामान्य लग रहा था। शिक्षक उदयभान सिहारे रोज की तरह समय पर स्कूल पहुंचे थे। लेकिन कुछ ही देर बाद विद्यालय के एक कमरे में उनका शव फंदे से झूलता मिला। सहकर्मियों ने यह दृश्य देखकर तुरंत हड़कंप मचा दिया। सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुँच गए।घटना की जानकारी भांडेर पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दी गई, जो तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
BLO कार्य का बढ़ता दबाव बना मौत की वजह,प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उदयभान सिहारे लंबे समय से BLO (Booth Level Officer) का अतिरिक्त दायित्व निभा रहे थे। परिवारजनों और सहकर्मी शिक्षकों ने बताया कि हाल के दिनों में चुनाव कार्यों से संबंधित रिपोर्टिंग, डाटा अपडेट और लगातार मिल रहे निर्देशों से वे मानसिक रूप से बेहद परेशान थे।सहकर्मियों के अनुसार, कई बार उन्होंने काम के बढ़ते बोझ और अधिकारियों के दबाव को लेकर अपनी पीड़ा साझा की थी। वे कहा करते थे कि “शिक्षण कार्य तो अब पीछे छूट गया है, सारा समय कागजी रिपोर्टिंग और BLO कामों में निकल जाता है।
शिक्षक की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के चर्चे,ग्रामीणों और सहकर्मियों ने बताया कि उदयभान सिहारे अत्यंत शांत, सरल स्वभाव और ईमानदार शिक्षक थे। वे पिछले कई वर्षों से सालोन बी के विद्यालय में पदस्थ थे और छात्रों के बीच बहुत लोकप्रिय थे। अपने कार्य के प्रति वे सदैव निष्ठावान रहे, लेकिन BLO के कार्यों के कारण उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर असर पड़ा था।पुलिस की जांच जारी, सुसाइड नोट नहीं मिला, भांडेर थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, परंतु प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मृतक BLO कार्यों के दबाव से मानसिक रूप से परेशान थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है,परिवार में मातम, बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल, मृतक शिक्षक के परिवार में पत्नी, पुत्र अंशुल सिहारे और पुत्री अंजली सिहारे हैं। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में हर कोई इस परिवार के दुख में सहभागी बन रहा है।शिक्षक समाज में आक्रोश, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति की मांग,घटना के बाद शिक्षक समुदाय में गहरा आक्रोश है।
शिक्षकों का कहना है कि लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों, विशेषकर BLO और चुनाव कार्यों के दबाव के कारण शिक्षकों पर मानसिक बोझ बढ़ता जा रहा है।शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की है कि, शिक्षकों को केवल शिक्षण कार्यों तक सीमित रखा जाए, BLO जैसी अतिरिक्त जिम्मेदारियों से उन्हें मुक्त किया जाए,और इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।समाज में शोक की लहर, प्रशासन से जांच की मांग, गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना को लेकर गहरा दुख है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।उदयभान जैसे ईमानदार और समर्पित शिक्षक का इस तरह जाना पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है, एक ग्रामीण ने कहा। भांडेर के सालोन बी विद्यालय की यह दर्दनाक घटना न केवल एक शिक्षक की निजी त्रासदी है, बल्कि यह प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक गहरी चेतावनी है, कि अत्यधिक गैर-शैक्षणिक दबाव आखिर किस हद तक शिक्षकों को तोड़ रहा है।














