सागर

शासन के नियमों की उड़ाई जा रही है खुले आम धज्जियां, नियमों को ताक पर रखकर कर रहे शराब की बिक्री

@सागर हेड -चौधरी शशि कुमार कुर्मी। जिले के गढ़ाकोटा में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में सामने आए एक मामले ने विभागीय लापरवाही और नियमों की अनदेखी को उजागर कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय पत्रकार द्वारा गढ़ाकोटा स्थित शराब दुकान का निरीक्षण किया गया, जहां कई अनियमितताएं पाई गईं। दुकान पर मौजूद संबंधित आबकारी अधिकारी की नेम प्लेट तक नहीं लगी थी। जब उनसे नाम और पद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जिससे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

सरकारी नियमों के अनुसार शराब दुकानों का संचालन और बिक्री केवल आबकारी विभाग के अधिकृत कर्मचारियों द्वारा ही की जानी चाहिए। लेकिन मौके पर पाया गया कि यहां प्राइवेट कर्मचारियों के जरिए शराब की बिक्री कराई जा रही है, जो नियमों के विरुद्ध है।

सूत्रों के मुताबिक, दुकान पर शराब निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत पर बेची जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। जब इस संबंध में संबंधित अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने यह स्वीकार किया कि “उच्च अधिकारियों के आदेश” पर प्राइवेट लड़कों से शराब की बिक्री कराई जा रही है। यह बयान कई गंभीर सवाल खड़े करता है—क्या वास्तव में उच्च स्तर पर ऐसे निर्देश दिए गए हैं, या यह जिम्मेदारी से बचने का प्रयास है?।


अब आवश्यकता है कि जिला प्रशासन और आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, ताकि आम जनता का भरोसा कायम रह सके।

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