मध्यप्रदेश

विकसित भारत के लिए संस्कार और स्वास्थ्य दोनों ही जरूरी: राजेन्द्र शुक्ल

चित्रकूट धाम स्वास्थ्य सेवा यात्रा 2.0 का शुभारंभ

भोपाल। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हमारा देश विकसित भारत बनने के लिए तेजी से अग्रसर है। सारी दुनिया में यह मान्यता है कि सर्व कल्याण और वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के साथ भारत विश्वगुरू बने। विकसित भारत के लिए हमारे संस्कार और स्वस्थ्य भारत का होना भी जरूरी है।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल शनिवार को डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर की जयंती पर दीन दयाल शोध संस्थान एवं नेशनल मेडिकोज आर्गनाइजेशन के संयुक्त तत्वाधान में 12 से 14 अप्रैल तक आयोजित चित्रकूट धाम स्वास्थ्य सेवा यात्रा 2.0 के शुभारंभ अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर स्वामी विश्वात्मानंद जी, जानकी महल चित्रकूट के सीताशरण जी महाराज, चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. भरत मिश्रा, एनएमओ के डॉ. विवेक चौकसे, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, कोषाध्यक्ष बसंत पंडित, कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस, जिला अधिकारी चित्रकूट धाम उ.प्र. श्री शिवशरण अप्पा, जनपद अध्यक्ष रेणुका जायसवाल, बालेन्द्र गौतम, डीन सतना मेडिकल कॉलेज एसडी गर्ग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एलके तिवारी भी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भारत अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में तीसरी महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। आर्थिक रूप से सशक्त होने से कुछ बुराईयां भी सामने आती है। इन बुराईयों को दूर करने में हमारी संस्कृति और संस्कार सहयोगी होंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और पैरामेडिकल क्षेत्र में लगातार विकास किया जा रहा है। केन्द्र सरकार ने पूरे देश में 75 हजार मेडिकल की सीटें बढाने का संकल्प लिया है।

उन्होंने कहा कि अधोसंरचना बढाने के साथ लोग जागरूक होंगे तो उसका पर्याप्त लाभ भी उठा पायेंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में शिविर और जांच अभियान चलाने से जागरूकता बढती है। उन्होंने कहा कि पीडित मानवता की सेवा करने से सम्मान और मोक्ष सब कुछ मिलता है। तीन दिन के स्वास्थ्य शिविरों में जाने वाले मेडिकल डॉक्टरों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग हो जाये तो बीमारी का आसानी से समय पर पता चल जाता है और उसका समय पर निदान भी संभव है। शिविर के माध्यम से मेडिकल स्टूडेंटों का कौशल और व्यवहारिक ज्ञान भी बढेगा।

कार्यक्रम में विश्वात्मानंद जी महाराज ने अपने आर्शीवचनों में कहा कि जब श्रृष्टि की रचना हुई तो कष्ट और समस्यायें नहीं बनाई गई थी। संसार में ऐसा कोई कष्ट भी नहीं है जिसे दूर नहीं किया जा सकता है। कष्टों और समस्याओं को चुनौतियों पूर्ण ढंग से स्वीकार कर संकल्प लेकर जुटे तो सभी काम आसान हो जाते है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सक के रूप में आप सब ईश्वर की संतान की सेवा कर रहे हैं और इस कार्य के लिए जन्म लेने का सौभाग्य आपको प्राप्त हुआ है। इसके पूर्व कार्यक्रम की रूपरेखा में राजेन्द्र सिंह ने बताया कि बाबा साहब अम्बेडकर की 135वीं जयंती पर दीन दयाल शोध संस्थान और नेशलन मेडीकोज आर्गनाइजेशन के संयुक्त तत्वाधान में चित्रकूट की 50 किमी परिधि के 150 ग्राम पंचायतों में 13 और 14 अप्रैल को एक साथ स्वास्थ्य जागरूकता और उपचार शिविर लगाये जायेंगे।

इन 150 ग्राम पंचायतों में मध्यप्रदेश की सतना जिले की मझगवां ब्लाक की 58 ग्राम पंचायत और उत्तरप्रदेश क्षेत्र की 92 ग्राम पंचायतें शामिल है। चिकित्सा टीम 13 अप्रैल को प्रातः 8 बजे गांवों में पहुंचेगी और 11 बजे से सायं 4 बजे स्वास्थ्य उपचार शिविर का आयोजन कर शाम को ग्राम भ्रमण कर स्वास्थ्य जागरूकता लायेगी। कार्यक्रम के अंत में डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन ने आभार व्यक्त करते हुए बताया कि नेशनल मेडीकोज आर्गनाइजेशन के माध्यम से मेडीकल कॉलेज के लगभग 550 डॉक्टर एवं फैकलिटी मेम्बर 75 टोलियों में गांवों में जाकर अपनी सेवायें देंगे।

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