मां अन्नपूर्णा मेला जलबिहार के महारास में मेघ भी हुए मोहित, जमकर बरसकर किया प्रभु का अभिनंदन

छतरपुर। मनमोहन के महारास के रंग में डूबा मां अन्नपूर्णा मेला मैदान बीती रात एक अलौकिक दृश्य का साक्षी बना। बांके बिहारी और राधारानी के दर्शनों को लालायित भक्तों की भीड़ के बीच मेघ भी मोहित हो उठे और जमकर बरसे। इस दैवीय संयोग ने भक्ति और प्रकृति के संगम को और भी मनोरम बना दिया।

समिति के महासचिव पं. सौरभ तिवारी ने बताया कि 82 वें जलबिहार महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन महाआरती के बाद धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है इस तारतम्य में 8 सितंबर को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री श्रीमती अर्चना गुड्डू सिंह उपस्थित रहीं साथ में जिला जेल अधीक्षक दिलीप सिंह जाटव, समाजसेवी निरंकार पाठक, महेंद्र अग्रवाल नगर सेठ उपस्थित रहे । मंचीय कार्यक्रम के उपरांत मेले में वृन्दावन के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी।

श्री कुंजबिहारी नृत्यरास मंडल वृंदावन के कलाकारों ने बहुत सुंदर झांकियों व कलाकारी से सबको प्रभावित किया। महारास के इस भव्य आयोजन में हजारों भक्तों को राधा-कृष्ण की लीलाओं ने मंत्रमुग्ध कर दिया। मेघों की गर्जना और बारिश की फुहारों के बीच भक्तों में भारी उत्साह देखते ही बनता था। यह आयोजन हर साल भक्तों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होता है, और इस बार बारिश ने इसे और भी खास बना दिया।

ऐसा प्रतीत हुआ मानो प्रकृति स्वयं बांके बिहारी के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित कर रही हो। देर रात तक चले इस उत्सव में भक्ति, संगीत और प्रकृति का अनूठा संगम देखने को मिला। समिति के अध्यक्ष अशोक गुप्ता सोनू ने समस्त शहर वासियों का क्षेत्रवासियों से जलविहार महोत्सव में पधार कर महा आरती में शामिल होकर विभिन्न प्राचीन मंदिरों के विमान के दर्शन करने का आग्रह किया है।

जलबिहार महोत्सव में आज होगा कवि सम्मेलन-
कवि सम्मेलन के संयोजक एवं समिति में उपाध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने बताया कि शहर के व्यस्ततम क्षेत्र गल्लामंडी में जलविहार महोत्सव की सातवीं शाम कवि सम्मेलन के नाम होगी जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों के द्वारा कविता पाठ किया जाएगा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के आमंत्रित कवियों में पद्मश्री अवध किशोर जड़िया, नीलम कश्यप भिलाई डॉक्टर ज्योत्सना शर्मा आगरा, सत्येंद्र पांडे सतना, एस कुमार चनपुरिया पन्ना, प्रदीप दिहुलिया चरखारी, अभिराज पंकज झांसी, देवेंद्र चतुर्वेदी महोबा अजय मोहन तिवारी एवं जितेंद्र यादव के द्वारा विभिन्न रसों से सराबोर कविताओं का पाठ किया जाएगा।



















