श्री कृष्णा विश्वविद्यालय में मनाया गया 64 वॉं नेशनल फार्मेसी सप्ताह

@छतरपुर। नेशनल फ़ार्मेसी वीक के अवसर पर श्री कृष्णा विश्वविद्यालय में फार्मेसी संकाय के डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी एवं डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्यूटिकल रिसर्च द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। इस वर्ष का केंद्रीय विषय “Pharmacists as Advocates of Vaccination” रखा गया, जिसके अंतर्गत फ़ार्मासिस्टों की भूमिका को समाज में टीकाकरण के प्रमुख समर्थक और जागरूकता दूत के रूप में रेखांकित किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं फार्मा रंगोली, पोस्टर प्रजेन्टेशन, खेल आदि का आयोजन किया गया।

फार्मेसी वीक का समापन विश्वविद्यालय के सभागार में वीणावादिनी मॉं सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण उपरांत दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अमित कुमार जैन एवं डॉ. दिव्या बंसल ने संयुक्त रूप से उद्घाटन सत्र का संचालन किया। उन्होंने बताया कि फ़ार्मासिस्ट न सिर्फ दवाओं के विशेषज्ञ होते हैं, बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य सुरक्षा की प्रथम पंक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। टीकाकरण अभियान की सफलता में फ़ार्मासिस्टों द्वारा सही जानकारी, परामर्श और जागरूकता फैलाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उद्घाटन संबोधन में डॉ. अमित ने कहा कि हाल के वर्षों में टीकाकरण से कई गंभीर बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है, लेकिन ग्रामीण एवं दूरदराज़ क्षेत्रों में जागरूकता की अब भी आवश्यकता है। फ़ार्मासिस्ट इस दिशा में विश्वसनीय स्वास्थ्य सलाहकार की भूमिका निभाते हुए बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँच रहे हैं।

इस अवसर पर डॉ. दिव्या ने बताया कि टीकाकरण को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करने में फ़ार्मासिस्टों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों में फ़ार्मासिस्टों द्वारा आयोजित जागरूकता सत्र टीकाकरण दर बढ़ाने में प्रभावी साबित हो रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों और समुदाय के सदस्यों के लिए स्वास्थ्य परामर्श शिविर, पोस्टर प्रस्तुति, जागरूकता रैली तथा विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। फ़ार्मेसी संकाय के छात्रों ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए टीकाकरण से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

समापन सत्र में संयोजक मंडल ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में भी स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले प्रतियोगियों को पुरूस्कृत किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में टीकाकरण के महत्व को रेखांकित करना तथा फ़ार्मासिस्टों की भूमिका को अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य संरक्षक के रूप में स्थापित करना रहा।

कार्यक्रम के मंच संचालन अभिषेक पाठक एवं आभार डॉ. दीपेन्द्र सिंह बुन्देला ने व्यक्त किया। इस अवसर पर फार्मेसी संकाय के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

















