ग्राम पंचायत पल्टा के तत्कालीन एवं वर्तमान सरपंच, सचिव एवं उपयंत्री को धारा 92 का नोटिस जारी, पंचायत के कार्य जांच में मिले अपूर्ण पाई गई अनियमितताएं

@छतरपुर-आशुतोष द्विवेदी। विहिप प्राधिकरण (पचां.) एवं जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने म.प्र. पंचायतराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये जनपद सीईओ गौरिहार के प्रतिवेदित के आधार पर ग्राम पंचायत पल्टा में ग्रामवासियों द्वारा की गई शिकायत की जांच जनपद स्तरीय जांच दल द्वारा मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण कर की गई।

पंचायत के ग्राम में होने वाले विभिन्न कार्य अपूर्ण पाए गए और अनियमितताएं पाई गई। जिसके विरुद्ध सरपंच नीलम चतुर्वेदी, तत्कालीन सरपंच दुर्गा अहिरवार, सचिव कुलदीप मिश्रा, तत्कालीन सचिव नंदकिशोर पटेल, बच्चूलाल अहिरवार तत्कालीन जीआरएस, तत्कालीन केडी शुक्ला जीआरएस, अब्दुल जुनैद सिद्दकी तत्कालीन उपयंत्री एवं एसके जैन उपयंत्री ग्राम पंचायत पल्टा जनपद नौगांव को
उक्त कार्यों में अवचार का दोषी पाया गया। संबंधित पर मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर क्यों न राशि वसूली कर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। प्रेषिती को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर दिया जाता है।
अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु प्रकरण में 30 दिसंबर 25 को समय अपरान्ह 3 बजे स्थान कार्यालय जिला पंचायत छतरपुर नियत किया जाता है। नियत दिनांक पर न्यायालय या कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित प्रमाण व साक्ष्य के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करें। अनुपस्थित रहने की दशा में प्रेषिती के विरूद्ध एक पक्षीय कार्यवाही की जायेगी। साथ ही उक्त कार्यों से संबंधित मूल अभिलेख सहित उपस्थित होना सुनिश्चित करें।
इन कार्यों में हुई जांच
नाली निर्माण कार्य मुन्ना तिवारी के मकान से पुलिया तक का कार्य मौके पर अपूर्ण पाया गया है। कार्य की लागत 3.27 लाख है। सेक्टर उपयंत्री द्वारा मौके पर 2.26 लाख का मूल्यांकन दर्ज किया गया है। ग्राम पंचायत द्वारा उपरोक्त कार्य पर 3.27 लाख रूपये का आहरण किया गया है। कचरा संग्रहण केन्द्र की स्वीकृत लागत 7.50 लाख है। कार्य मौके पर अपूर्ण है। कार्य का मूल्यांकन 2.59470 रू. है। उपरोक्त कार्य में 7.06 लाख का आहरण किया गया है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा माह सितम्बर 2025 में 15 वें वित्त एवं 05 वें वित्त से कमशः 166900 रू., 342680 रू. की राशि का आहरण किया गया है, किन्तु जांच के दौरान आहरित राशि. के संबंध में रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है।
इस प्रकार ग्राम पंचायत द्वारा बिना उपयंत्री के मूल्यांकन एवं सत्यापन के राशि का आहरण किया गया है, जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता हैं।
















