सीएम हेल्पलाइन बना मजाक, नवागत प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के ज्वाइन करते ही शिकायतों पर डलने लगे फर्जी जबाव, नाहरपुर संकुल के प्रभारी राजा भईया प्रजापति द्वारा डाला गया फर्जी जवाब

@छतरपुर- आशुतोष द्विवेदी। सीएम हेल्पलाइन जिले में मजाक बनता जा रहा हैं या तो शिकायतों पर जवाब नहीं डलता य फिर डलता हैं तो फर्जी अभी ताजा मामला गौरिहार विकासखंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय अंतर्गत संकुल नाहरपुर के प्रभारी राजा भईया प्रजापति द्वारा नवागत प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के ज्वाइन करते ही एक शिकायतकर्ता की शिकायत पर फर्जी जवाब डालकर यह साबित कर दिया हैं कि साहब के कार्यकाल में फर्जी और मनगढंत जवाब डालकर सीएम हेल्पलाइन निराकरण पर डलने लगे फर्जी जवाब डालकर अपनी कुर्सी बचाये रहे।

यह हैं शिकायतकर्ता की शिकायत- जानकारी के अनुसार एक आवेदक द्वारा शिकायत क्रमांक 37130799 दिनांक 07/03/2026 के अनुसार शिकायत में लेख किया कि छतरपुर जिले के गौरिहार विकासखंड अंतर्गत नाहरपुर संकुल के गौहानी में पदस्थ शिक्षक चंद्रकिशोर पटेल ने शासन नियमानुसार 26 जनवरी 2001 के बाद 3 संतनो वाले नियमों का उलंघन कर 06/07/2013 कों शासकीय सेवा हासिल की हैं जो मध्यप्रदेश उस नियमों का उलंघन हैं जिसमें शासन ने 26/01/2001 के बाद 3 संतनो वाले सभी शासकीय लोक सेवकों कों सेवा के लिए आपत्र मना हैं। लेकिन शिकायतकर्ता की शिकायत का जो जवाब दिनांक 07/04/2026 डाला गया हैं वह हैरान करने वाला और शिकायतकर्ता की शिकायत के विपरीत हैं।
यह डाला शिकायतकर्ता की शिकायत पर फर्जी निराकरण – 07-03-2026 शिकायतकर्ता की शिकायत के सम्बन्ध में संकुल प्राचार्य द्वारा लेख किया गया है की चंद्रकिशोर पटेल के बच्चो के सम्बन्ध में जानकारी चाही गई थी जो व्यक्तिगत मेरी जानकारी है संबंधीजन के बिना अनुमति के जानकारी प्रदान करने पर उसकी गोपनीयता भंग होती है। अतः संबंधीजन के बिना अनुमति के जानकारी प्रदान करना असंभव है। केंद्र सरकार के नवीन कानून डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 की धारा 44 (3) ने सूचना का अधिकार कानून 2005 की धारा 8 (1) को ख़त्म कर दिया गया है। अतः किसी व्यक्ति की निजी जानकारी नहीं दी जा सकती है। अतः शिकायत बंद करने योग्य है। यह आपको बताना चाहता हूं की संकुल प्राचार्य राजा भैया प्रजापति द्वारा 08/10/2025 कों जो सूचना के अधिकार में सत्यापित जानकारी आवेदन कों प्रदाय की गई थी उसी के आधार पर शिकायतकर्ता द्वारा उक्त शिकायत की थी। जिससे यह साफ जाहिर हो रहा हैं की जिले में नवागत प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के ज्वाइन करते ही कैसे शिकायतकर्ताओ की शिकायत के विपरीत जवाब डालकर शिकायतों कों बंद करने का सिलसिला प्रारम्भ हो चुका हैं जिसकी यह तो मात्र एक बानगी हैं। वहीं शिकायतकर्ता ने बताया की मेरी शिकायत पर गलत एवं फर्जी जवाब डालने वाले कर्मचारियों कों पद से हटाने के लिए कल वह कमिश्नर, कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से लिखित शिकायत करेगा। जिले के अगर एक जागरूक शिकायतकर्ताओं का क्या हाल हैं तो अन्य शिकायत का क्या हाल होता होगा। जय हो नावागत प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की और जय हो फर्जी जवाब डालने वाले कर्मचारियों की।

















