बारिश के मौसम मे सर पर संजय सत्येंद्र पाठक की छतरी

कटनी। विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक हर वर्ष बरसात लगते ही अपने विजयराघवगढ़ विधानसभा छेत्र मे छाता का वितरण कराते हैं।
घर-घर मे छेत्री विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के छाते देखे जाते हैं गरीब हो या अमीर सभी बरसात से बचने के लिए अपने सर पर संजय सत्येंद्र पाठक की छतरी का उपयोग करते हैं। व्यापारियों का कहना है की विधायक जी द्वारा निशुल्क छाते वितरित किए जाने के बाद से कई वर्षों से दुकानो से छात्रों का विक्रय बहुत कम हो गया है। घर घर विधायक महोदय के छाते पहुच चुके है किसी को बाजार से खरीदने की आवश्यकता ही नही पढती।
तेज धुप हो या फिर वारिस का मौसम सर को ढकने का कार्य तो सिर्फ संजय सत्येंद्र पाठक की छतरी ही करती है। प्रति वर्ष दो वस्तुएं निशुल्क वितरित की जाती है छातरी और कलेंडर दद्दा देहाती के नाम से प्रसिद्ध कलेंडर घर घर मे देखा जा सकता है। अब तो आलम यह है की लाला रामस्वरूप जैसे कलेंडर को दरकिनार कर लोग दद्दा देहाती की मांग करते हैं। विधायक संजय सत्येंद्र पाठक किसी लालच से यह वितरण नही कराते न ही चुनाव के समय यह निरंतर हर वर्ष वितरित होता रहता है।
विधायक संजय सत्येंद्र पाठक अपने लोगों को कुछ न कुछ देते ही रहते हैं चाहे वह कलेंडर हो या छाता इसके वाद भी लोगों के परिवार की हिफाजत का दाईतव भी निभाते हैं इलाज की बात हो या बेटी का विवाह या फिर दाह संस्कार जैसे संकट हर समय सेवा मे ततपर विजयराघवगढ़ विधानसभा छेत्र के प्रधान सेवक तैयार है कोई निराश नही होता छात्रों के भविष्य की चिंता किसनो के खेती की चिंता व्यापारियों के व्यापार का ध्यान घटना दुर्घटना लडाई झगडे पर पूरी नजर प्रशासनिक व्यवस्था पर कंट्रोल अपने पराए की परख रखने वाले विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने अपने सेवा भाव और अपने पन के साथ विपक्ष को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया है। विजयराघवगढ़ विधानसभा के लोग विधायक नही पुत्र भाई मित्र की तरह अपने शुभचिंतक संजय सत्येंद्र पाठक को सम्बोधित करते हैं अब तो परिवारिक रिश्ता जैसा बन चुका है विधायक और विधानसभा के लोगों के बीच।
(प्रशांत मिश्रा शेरा पत्रकार विजयराघवगढ़ कटनी)

















