छतरपुर

नौगांव में मंगलवार की जनसुनवाई में जनता के साथ छल, अधिकारियों की जगह क्लर्क ले रहे जनसुनवाई

छतरपुर जिले की सबसे बड़ी नौगांव तहसील की जनसुनवाई बनी मजाक, जिम्मेदार अधिकारी बिना सूचना रहे नदारद

@छतरपुर। नौगांव तहसील में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई मंगलवार को अफसरों की लापरवाही के चलते मजाक बनकर रह गई। जनपद पंचायत सीईओ प्रभास राज घंगोरिया के नेतृत्व में जनसुनवाई तो आयोजित की गई, लेकिन विभागीय अधिकारीयों की अनुपस्थिति ने आमजन की समस्याओं को अनसुना कर दिया। अधिकांश शिकायतकर्ता अपनी फरियाद लिए घंटों बैठे रहे, पर उनका दर्द सुनने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था।

जनसुनवाई प्रभारी ने बताया कि एसडीएम साहब को संपूर्ण स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा बिना कारण अनुपस्थित रहने वाले संबंधी विभाग के जिम्मेदार अधिकारीयों को कारण-बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो नियम अनुसार कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।”

लंबे समय से क्षेत्र के ग्रामीण बिजली, पानी, सड़क, राशन वितरण और राजस्व मामलों की समस्याओं को लेकर जनसुनवाई में पहुँचते हैं, लेकिन लगातार गैरहाजिर रहने वाले अधिकारी जनता के धैर्य की परीक्षा लेने से बाज नहीं आ रहे। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि “जब अधिकारी सुनवाई में ही नहीं बैठते, तो समस्या कहाँ रखें?”

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जनसुनवाई को फिर से प्रभावी बनाया जाए और अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन की समस्याओं का समाधान समय पर हो सके।

जनसुनवाई रजिस्टर में भी चला हेयर फेयर कर्मचारियों के उड़ गए होश-
इस बीच एक और चौंकाने वाली स्थिति तब सामने आई जब जनसुनवाई रजिस्टर में अधिकारियों की ‘फर्जी उपस्थिति’ दर्ज करने की कोशिश कर्मचारियों द्वारा की गई। जैसे ही जनपद सीईओ की नजर रजिस्टर पर पड़ी, मामला पकड़ में आ गया।

रजिस्टर में कई ऐसे अधिकारियों की हस्ताक्षर या उपस्थिति दर्ज दिखाई दी, जो असल में मौके पर मौजूद ही नहीं थे। सीईओ की कड़ी फटकार के बाद कर्मचारियों के होश उड़ गए और उन्होंने सफाई देने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने इस घटनाक्रम को “जनसुनवाई की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करने वाला मामला” बताया।

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