धर्मशाला सौंपे जाने की मांग को लेकर कुशवाहा समाज ने दिया ज्ञापन, श्री जटाशंकर न्यास के अनुसार सभी धर्मशालाएं है न्यास के अधीन

@छतरपुर/ बिजावर। कुशवाहा समाज द्वारा श्री जटाशंकर धाम में स्थित धर्मशाला समाज को सौंपे जाने की मांग को लेकर सोमवार को तहसील पहुंच कर ज्ञापन दिया। साथ ही धर्मशाला 48 घंटे में नहीं सौंपे जाने पर आंदोलन और प्रशासन को भारी परेशानी होने का ज्ञापन दिया है।

वही लोकन्यास श्री जटाशंकर धाम अधीक्षक जे पी खरे ने इस संबंध में बताया कि जटाशंकर धाम में स्थित कुशवाहा समाज धर्मशाला को लेकर कुछ लोगों द्वारा जानकारी के अभाव में भ्रम फैलाया जाकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। श्री खरे ने बताया कि इस संबंध में न्यास में मौजूद दस्तावेज और कुशवाहा समाज द्वारा समय-समय पर दिए गए आवेदनों एवं दस्तावेजों से स्पष्ट है कि कुशवाहा समाज धर्मशाला का निर्माण न्यास के नियमों के तहत न्यास की अनुमति से किया गया था।
वर्ष 1989 एवं वर्ष 1992 और वर्ष 2018 में कुशवाहा समाज के तत्समय के पदाधिकारियो द्वारा धर्मशाला की मरम्मत और पुनः निर्माण हेतु न्यास से अनुमति मांगी गई थी। वर्ष 2018 में समाज द्वारा उक्त धर्मशाला का पुनः निर्माण नियमों के तहत न्यास से किए गए नोटरीकृत अनुबंध के आधार पर ही न्यास की अनुमति पश्चात किया गया था।
इस अनुबंध में स्पष्ट लेख है की धर्मशाला पुनः निर्माण उपरांत न्यास के अधीन होगी तथा धर्मशाला पर किसी व्यक्ति अथवा समाज का अधिकार नहीं होगा।
न्यास अधीक्षक ने बताया कि न्यास गठन के समय से ही यह नियम और व्यवस्था चली जा रही है। यहां विभिन्न समाजों और व्यक्तियों द्वारा भक्ति और आस्था के साथ दर्जनों धर्मशालाओं का निर्माण कर जन सेवा के लिए न्यास को सौंपी गई है और ऐसा नियम भी है। इसका उपयोग न्यास क्षेत्र की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए न्यास के संचालन में होता है। अब कुछ लोग सामाजिक समरसता को बाधित करते हुए न्यास क्षेत्र की व्यवस्था और नियमों को न मानते हुए धर्मशाला पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर न्यास और मंदिर क्षेत्र की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

















