छतरपुर

जायज मांगों के लिए मैं खुद मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री से बात करूंगा: राजेश शुक्ला बबलू

केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों से विधायक ने किया संवाद, दिलाया न्याय का भरोसा

@छतरपुर- आशुतोष द्विवेदी। देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को लेकर बिजावर क्षेत्र में पिछले छह दिनों से जारी तनाव अब सुलझता नजर आ रहा है। गुरुवार को ग्राम ढौंढ़न और पलकौंहा के ग्रामीण अपनी व्यथा लेकर बिजावर विधायक राजेश शुक्ला बबलू के निवास पर पहुंचे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे अपने हक की मांग कर रहे थे, लेकिन कुछ स्वार्थी तत्वों ने उन्हें गुमराह कर हिंसा और पथराव की ओर धकेल दिया, जिसका खामियाजा सीधे-साधे आदिवासियों को भुगतना पड़ा।

विधायक निवास पहुंचे ढौंढ़न के ग्रामीणों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि कुछ लोग अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए उन्हें बिजावर में धरना-प्रदर्शन के लिए लाए थे। वहां हुए पथराव के बाद भड़काने वाले लोग तो भाग गए, लेकिन पुलिस ने मौके से 11 सीधे-साधे ग्रामीणों को हिरासत में ले लिया। ग्रामीणों ने कहा, हम विधायक के पास आए और अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने न केवल हमारी समस्या को समझा, बल्कि प्रशासन से बात कर हमारे निर्दोष लोगों को थाने से छुड़वाया। वे हमारे लिए विधायक नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य हैं और हम उनकी हर बात से सहमत हैं।

वहीं, बिजावर विधायक राजेश शुक्ला बबलू ने पूरे मामले पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि पिछले 4-6 दिनों से मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर विवाद चल रहा था। उन्होंने बताया, पुलिस ने पथराव और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में 11 लोगों को हिरासत में लिया था। मैंने कलेक्टर से निवेदन किया कि ये सीधे-साधे आदिवासी लोग हैं, जिन्हें ‘नेता-नगरी’ और अपनी दुकान चलाने वालों ने बरगलाया है। कलेक्टर साहब ने हमें आश्वस्त किया और हमने जनता को भरोसा दिलाया है कि उनकी हर जायज मांग पूरी की जाएगी।

दो महीने का अल्टीमेटम और समाधान का रास्ता
विधायक ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे विकास के कार्य में बाधा न डालें। उन्होंने कहा, “मैंने जनता से दो महीने का समय मांगा है। आप अपनी जायज मांगों की सूची मुझे दें, मैं मुख्यमंत्री और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री तक आपकी बात ले जाऊंगा। यदि दो महीने में आपकी समस्याओं का निराकरण नहीं होता है, तो आपको धरना-प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है और तब मैं खुद आपके साथ खड़ा रहूंगा।” विधायक ने जोर देकर कहा कि 30 साल से वे इस क्षेत्र की जनता से जुड़े हैं और उन्हें किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। विधायक की इस पहल के बाद ग्रामीण संतुष्ट होकर अपने घरों को लौट गए हैं। इस मुलाकात के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि केन-बेतवा परियोजना का कार्य अब निर्बाध रूप से जारी रहेगा और विस्थापितों की मांगों पर शासन-प्रशासन सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा।

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