अनूपपुर

कालीचरण के काले कारनामे?: पुराने पत्थर निकाल कर फिर लगा डालें, अमलाई रेलवे स्टेशन में चल रहा सौंदर्यकरण कार्य बना सवालों के घेरे में, गुणवत्ता पर उठे गंभीर प्रश्न

@अनूपपुर- नीरज गुप्ता। भारतीय रेल के भारतीय रेल के बिलासपुर रेल मंडल अंतर्गत यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिलासपुर–कटनी रेलखंड के कई रेलवे स्टेशनों पर जड़ोद्धार एवं सौंदर्यकरण का कार्य तेज़ी से कराया जा रहा है। इसी क्रम में अमलाई रेलवे स्टेशन भी विकास कार्यों की सूची में शामिल है, जहाँ इन दिनों कार्य प्रगति पर है।

लेकिन इस विकास कार्य के बीच गंभीर अनियमितताओं और घटिया निर्माण की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अमलाई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य नियम-कायदों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा और कार्य गुणवत्ता विहीन तरीके से किया जा रहा है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि प्लेटफॉर्म की बुनियाद तैयार करने के लिए नए मटेरियल की बजाय पुराने और जर्जर पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है। ये पत्थर उसी प्लेटफॉर्म से निकाले गए हैं और अब दोबारा इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकते हैं।

इस कार्य को अंजाम देने वाले ठेकेदार कालीचरण का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है। बताया जाता है कि प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने के दौरान कथित रूप से अवैध मिट्टी का उपयोग करने के मामले में वह पहले भी सुर्खियों में आ चुका है। अब एक बार फिर उनके कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

ऐसे घटिया निर्माण कार्य न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि भारतीय रेल की स्वच्छ और विश्वसनीय छवि को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों में इस मामले को लेकर नाराज़गी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो।

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