पुस्तकालय द्वारा निःशुल्क पुस्तकें एवं स्टेशनरी वितरण कार्यक्रम आयोजित, पुस्तकों से मित्रता करें,सफलता का यही सच्चा मार्ग है: अभिषेक भार्गव

@गढ़ाकोटा- पीएल पटेल। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गढ़ाकोटा, जिला सागर के नटराज ऑडिटोरियम में उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन की योजनांतर्गत पात्र अनुसूचित जाति,जनजाति के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक एवं स्टेशनरी वितरण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अभिषेक भार्गव जी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिक कुमार शर्मा, मनोज तिवारी, महेश कोरी और दिनेश लहरिया जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था प्रमुख प्राचार्य डॉ.घनश्याम भारती जी ने की। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती शिम्पी मौर्या तथा पुष्पेंद्र बर्मन द्वारा किया गया। आभार रजनी चौदहा द्वारा व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात प्राचार्य डॉ घनश्याम भारती ने अपने स्वागत भाषण में शिक्षा के महत्व, सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि अभिषेक भार्गव जी ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में विद्यार्थियों को न केवल शिक्षा का महत्व समझाया, बल्कि उन्हें जीवन में उत्कृष्टता अर्जित करने हेतु प्रेरित भी किया। उन्होंने कहा कि “पुस्तकें मनुष्य की सबसे सच्ची मित्र होती हैं”, क्योंकि वे बिना किसी स्वार्थ के ज्ञान, प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।

उन्होंने बताया कि नियमित अध्ययन और पुस्तक पढ़ने की आदत से व्यक्तित्व का विकास होता है तथा निर्णय क्षमता मजबूत बनती है। आधुनिक समय में डिस्ट्रक्शन की अधिकता का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकों से मित्रता करने और लक्ष्य-केंद्रित जीवन अपनाने की सलाह दी। अपने उद्बोधन में उन्होंने एक प्रेरक कहानी के माध्यम से माता-पिता तथा गुरुजनों के सम्मान का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।

उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता—अनुशासन, समय प्रबंधन, निरंतर अध्ययन और सकारात्मक सोच ही सफलता का वास्तविक पथ है। मनोज तिवारी जी ने विद्यार्थियों से अनुशासित जीवन, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और सतत प्रयास करने की प्रेरणा दी। अन्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों से उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर निरंतर प्रगति की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत सभी अतिथियों द्वारा पात्र विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें एवं स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम में लगभग 800 विद्यार्थी उपस्थित रहे। महाविद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं सार्थक बनाया।

















