छतरपुर

माध्यमिक शिक्षक परमानन्द नागर को संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर ने किया निलंबित,शिक्षकीय गरिमा के विपरीत एवं गंभीर अनुशासनहीनता के कारण हुई कार्यवाही

@छतरपुर-आशुतोष द्विवेदी। जिले की शासकीय माध्यमिक शाला पाय में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक परमानन्द नागर को अनुशासनहीनता एवं विभागीय नियमों के उल्लंघन के कारण संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग सागर द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार परमानन्द नागर स्थानांतरण आदेश के उपरांत स्थानांतरित संस्था शासकीय हाई स्कूल लिधौरा में उपस्थित नहीं हुए। इस संबंध में उनके द्वारा की गई अपील को कमिश्नर सागर संभाग द्वारा 2 सितंबर 2024 के आदेश से अमान्य कर दिया गया था, इसके बावजूद उन्होंने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया।

इसके अतिरिक्त, वर्ष 2020 से 2021 की अवधि में वेतन भुगतान न होने संबंधी शिकायत को सीएम हेल्पलाइन से वापस नहीं लिया गया, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई। साथ ही सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत अभिलेख प्रस्तुत कराने को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजनगर पर दबाव बनाया गया तथा कार्यालय में उपस्थित होकर अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया। इस व्यवहार से विकासखंड शिक्षा अधिकारी आकांक्षा रावत ने स्वयं को असुरक्षित एवं मानसिक रूप से आहत महसूस किया।

उक्त कृत्यों को शिक्षकीय गरिमा के विपरीत एवं गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव लोक शिक्षण कार्यालय सागर को प्रेषित किया गया। तत्पश्चात म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग के प्रचलित नियमों एवं परिपत्रों के अंतर्गत, म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1956 के नियम-9 के तहत संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग सागर एस.पी. बिसेन द्वारा परमानन्द नागर को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में परमानन्द नागर का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी बक्स्वाहा, जिला छतरपुर नियत किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र रहेंगे।

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