जिला अस्पताल में मासूम की मौत पर परिजनों ने किया हंगामा

मध्यप्रदेश। दमोह जिला अस्पताल में इलाजरत एक माह की मासूम बच्ची की मौत हो जाने पर परिवार के लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि सूचना के बाद भी ड्यूटी डॉक्टर बच्ची का इलाज करने नहीं पहुंचे। इलाज के अभाव में उसकी जान चली गई।
चंदोरा गांव निवासी मासूम के पिता धर्मेंद्र पटेल ने बताया कि शुक्रवार रात करीब दो बजे उनकी बच्ची प्रकृति पटेल की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां ड्यूटी डॉक्टर ने उन्हें बच्ची को आईसीयू में ले जाने के लिए कहा। वहां लेकर पहुंचे तो नर्स ने कहा कि यहां डॉक्टर नहीं है। फिर 27 नंबर कमरे में गए तो डॉक्टर महेश पटेल ने एक सिरप दिया। उसके बाद वह वहीं पर बैठे रहे। कुछ देर बाद डॉक्टर महेश सिंह ने उन्हें फिर से आईसीयू में बच्ची को ले जाकर भर्ती करने को कहा।
वहां जाकर उन्होंने नर्स से मिन्नत की, लेकिन वह नहीं मानी। आईसीयू के ड्यूटी डॉक्टर आरिफ खान को 27 नंबर कमरे में बैठे डॉक्टर महेश सिंह ने फोन भी लगाया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस तरह उनकी बेटी का इलाज नहीं हो सका। डॉक्टर आरिफ खान की लापरवाही के कारण उनकी बेटी की जान चली गई। इन आरोपों पर डॉ. आरिफ खान से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन नहीं हो सका। इस मामले में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राजेश नामदेव का कहना है कि रात में बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची थी। उसे डॉ. महेश सिंह ने अटेंड किया था। इलाज न हो पाने का आरोप गलत है।

















